भारत की तलाश

 

Monday, April 21, 2008

चिता पर, काव्य पाठ के माध्यम से, श्रद्धांजलि दी

आमतौर से जहां चिताएं जलती है वहां पर माहौल गमगीन होता है, लेकिन भोजपुरी साहित्य के पुरोधा पंडित चंद्रशेखर मिश्र की चिता पर तो उनके साथी कवियों ने न सिर्फ कविता पाठ किया, बल्कि इसी के माध्यम से उन्हे श्रद्धांजलि भी दी।

भोजपुरी साहित्य के आकाश पर नक्षत्र की तरह लगभग पांच दशकों तक विराजमान रहने वाले पंडित चंद्रशेखर मिश्र का लंबी बीमारी के बाद बृहस्पतिवार देर रात निधन हो गया था। वाराणसी के हरिशचंद्र घाट पर शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर कवियों ने उनकी चिता पर काव्य पाठ करके उन्हे अंतिम विदाई दी। वहां उपस्थित कवियों ने बताया कि मिश्र की अंतिम इच्छा थी की उनके मरने के बाद कविता पाठ के बाद ही उन्हे मुखाग्नि दी जाए।

साहित्य जगत में वीर रस को प्रतिष्ठापित करने वाले मिश्र के निधन के बाद उनके घर पर साहित्यकारों और कवियों का जमावड़ा लग गया था। 80 साल के हो चुके पंडित मिश्र अपने चार बेटे और चार बेटियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए है।

हरिशचंद्र घाट पर जब उन्हे दाह-संस्कार के लिए लाया गया तो चिता स्थल पर पहले से ही कवियों की महफिल सजी हुई थी। कविता के माध्यम से पंडित मिश्र को श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख रूप से साड बनारसी, धर्मशील चतुर्वेदी, बैकुंठ बनारसी, झगडू भइया सहित दर्जनों कवियों ने अपनी कविताओं से भोजपुरी के इस अमूल्य रत्‍‌न को श्रद्धांजलि दी।

अपनी मिट्टी से लगाव रखने वाले पंडित मिश्र ने अपनी कई कालजयी रचनाओं से भोजपुरी साहित्य का भंडार भरा था। पंडित मिश्र का भोजपुरी में पहला महाकाव्य कुंअर सिंह है। इसके अलावा भीष्म बाबा, द्रोपदी, सीता, लोरिक चंद, देश के सच्चे सपूत, पहला सिपाही और आल्हा उदल जैसे काव्यों ने मिश्र को को भोजपुरी साहित्य के शिखर पर पहुंचा दिया था। भोजपुरी साहित्य को एक मुकाम दिलाने वाले मिश्र को कई देशीय और अंतर्देशीय पुरस्कार भी मिल चुके थे। इनमें से मारीशस द्वारा विश्व सेतु सम्मान, अवंतिबाई पुरस्कार, मंगला प्रसाद सम्मान आदि प्रमुख है।
सौजन्य: दैनिक जागरण

2 comments:

नीरज गोस्वामी said...

धन्य हैं पंडित मिश्र जी. ऐसे व्यक्ति और उनके कदम जीवन में अनुसरनिये होते हैं. मैं उनकी अन्तिम इच्छा का वर्णन पढ़ कर नतमस्तक हो गया हूँ.इश्वर ऐसी पुण्यात्मा को शान्ति दे.
नीरज

Udan Tashtari said...

ये हुई न सही श्रृद्धांजली. ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे.