भारत की तलाश

 

Saturday, October 18, 2008

महिला ने अपने साथ छेड़खानी करने वाले कामुक युवक का सिर ही काट डाला

उत्तर प्रदेश में एक महिला ने अपनी इज्ज़त बचाने के लिए एक दबंग किस्म के कामुक युवक का सिर क़लम कर अपने को पुलिस के हवाले कर दिया। मगर पुलिस ने इस महिला को पीड़ित मानते हुए उसे सम्मानपूर्वक घर भेज दिया क्योंकि पुलिस के अनुसार उसने आत्म रक्षा में पलटवार किया था। घटना नेपाल सीमा से सटे लखीमपुर ज़िले के इसानगर थाने की है। ग्राम हसनपुर कटौली के मजरा मक्कापुरवा में दलित राजकुमार और मनचले किस्म के जुलाहे अन्नू के घर अगल-बगल हैं। अन्नू राजकुमार की पत्नी फूलकुमारी को अक्सर छेड़ता था। मगर कमजोर वर्ग का राजकुमार उसके विरोध का साहस नहीं कर पाता।

फूलकुमारी जानवरों के लिए चारा लाने गयी थी। वह एक गन्ने के खेत में पत्ते तोड़ रही थी। तभी अन्नू वहाँ पहुँच गया और उसके साथ ज़बर्दस्ती करने लगा। बीबीसी से फोन पर बातचीत में फूलकुमारी ने कहा कि वह चारा काटने गई थी और उसने अपनी इज्ज़त और जान बचाने के लिए हमलावर पर वार किया था। महिला का कहना था, ''हमने मार दिया। हम गए थे गन्ने की पत्ती लेने। तभी वह ज़बर्दस्ती लिपट गया। हमने किसी तरह उसका बांका छीन लिया और उसी से उसकी गर्दन उड़ा दी।''

स्थानीय अख़बारों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से लिखा कि फूलकुमारी खून से लथपथ अन्नू का कटा हुआ सिर लिए हसनपुर कटौली पहुँची और वहाँ अपने को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस वाले उसे थाने ले गए और उसने पूरा मामला बयान किया। हालांकि फूलकुमारी ने इस बात से इनकार किया कि वह अन्नू का कटा हुआ सिर लेकर बाज़ार में गई। पुलिस का कहना है कि उसने अन्नू का कटा सिर धान के एक खेत से बरामद किया।

पुलिस ने फूलकुमारी की चिकित्सा जांच कराई और चौबीस घंटों की तहकीकात के बाद उसके घर वालों के हवाले कर दिया। ज़िले के पुलिस कप्तान राम भरोसे ने बीबीसी से बातचीत में कहा, वह तो पीड़ित है और उसने अपने बचाव में ऐसा किया। उसने कोई ज़ुर्म नहीं किया। पुलिस ने फूलकुमारी की रपट के आधार पर मृत युवक के ख़िलाफ़ बलात्कार, हत्या के प्रयास और उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि मृत युवक के परिवार वालों ने अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया है। एक स्थानीय पत्रकार का कहना है कि मृत युवक का चाल चलन अच्छा नहीं था।
(समाचारांश, बीबीसी से साभार)

2 comments:

Gyan Darpan said...

आगे से कुछ तो अपराधी डरेंगे

ravinderkhare said...

अगर सभी महिलाऍ इसी तरह से बहादुरी का परिचय दॅ तो निश्चय ही अपराध कम हो सकते हॅ.समाचार मानवीय पहलुओ का एक सजीव प्रमाण है.