भारत की तलाश

 

Sunday, May 4, 2008

अस्सी अरब में बन रहा है आशियाना, अनाथालय की जमीन पर

दुनिया के गिने चुने सबसे अमीरों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी अपने परिवार के लिए लगभग 80 अरब रूपए की लागत से एक शीशमहल बनवा रहे हैं। इसमें वह अपनी पत्नी नीता अंबानी और तीन बच्चों के साथ रहेंगे। उनका अन्टिला नामक यह शीशमहल मुम्बई में मलाबार हिल के अल्टामाउंट रोड पर निर्माणाधीन है जिसके अगामी जनवरी तक पूरी हो जाने की संभावना है। चार लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैले इस 27 माले की आलीशान बिल्डिंग की ऊंचाई 550 फीट है।

अंबानी का यह शीशमहल दुनिया के महंगे और आलीशान बिल्डिंगों में गिना जाएगा। अन्टिला की डिजाइन अंतरराष्ट्रीय स्तर के आर्किटेक्ट ने वास्तु को ध्यान में रखकर की है। इसकी खासियत यह है कि इसके सबसे ऊपरी मंजिल पर हैलीपैड होगा। इसमें लीविंग क्वाट्र्स हैं और लॉबी में आने के लिए नौ एलिवेटरों की सुविधा है। 43 अरब डॉलर के मालिक अंबानी के अन्टिला की हर मंजिल अलग है। किसी भी माले को एक तरह से नहीं बनाया जा रहा है। इसमें एक हॉल ऐसा है जिसके छत का 80 फीसदी हिस्सा हीरे-जवाहरात से बने झूमर से सजा होगा। दो माले की सीढ़ियों को चांदी से बनाए जा रहे हैं।





ऊपरी मंजिल को मनोरंजन के लिए रखा गया है जहां अंबानी कभी-कभी अपने मेहमानों के साथ व्यवसायिक चर्चा करेंगे। यहां से अंबानी अरेबियन सागर का भी आनंद लेंगे। चौथे तल पर खुला बगीचा होगा। इसके छठवें तल को पार्किंग के लिए सुरक्षित रखा गया है। कहा जाता है कि नीता अंबानी की इच्छा के मुताबिक नवीं मंजिल की डिजाइन की गई है और लकड़ी, मेटल और क्रिस्टल लगाए गए हैं। वैसे यह अन्टिला बिल्डिंग, वक्फ बोर्ड की विवादास्पद अनाथालय की बेची गई जमीन पर खड़ी हो रही है। यह मामला बांबे हाई कोर्ट में विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर दखल देने से इनकार कर दिया है।

दुनिया की इस सबसे महंगी बिल्डिंग के बारे में विस्तृत जानकारी आप यहाँ पा सकते हैं

ट्रक ड्राइवर के बेटे ने जीता अमेरिकी टैलंट हंट

फिल्म 'नमस्ते लंदन' में तो अक्षय कुमार ने विरोधी पक्ष के छक्के छुड़ा दिए थे, बेसबाल के खेल में। वास्तविकता के धरातल पर उत्तर प्रदेश के ट्रक ड्राइवर के बेटे और अंग्रेजी न बोल सकने वाले रिंकू ब्रह्मादीन सिंह ने बेसबाल के एक Talent Hunt में ऐसा जोश दिखाया कि उन्होंने न सिर्फ इस प्रतियोगिता को जीता, बल्कि इस खेल की बारीकियों की बेहतर समझ के लिए वह अमेरिका रवाना हो रहे हैं।

एक अमेरिकी खेल कंपनी ने भारत के 30 शहरों में टैलंट हंट कराकर 30 हजार युवाओं के बीच से रिंकू और दिनेश कुमार पटेल को चुना है। दोनों युवा खिलाड़ियों को सैन फ्रैंसिस्को के जानेमाने प्रशिक्षकों से एक साल की ट्रेनिंग दी जाएगी। अगर इन्होंने ट्रेनिंग के दौरान उम्दा प्रदर्शन किया तो 2009 के सत्र में इन्हें मेजर बेसबॉल टीम में शामिल होने का मौका मिल सकता है।

मिलियन डॉलर आर्म हंट में रिंकू ने 89 मील प्रति घंटे की रफ्तार से बेसबॉल थ्रो करके सबसे तेज थ्रोअर के रूप में पहचान बनाई और एक लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 40 लाख रु.) का पुरस्कार भी जीता। इस हंट में दिनेश दूसरे नंबर पर रहे। अमेरिकी राजदूत डेविड सी. मलफर्ड ने इनके चयन पर बधाई देते हुए कहा कि इन दोनों युवा खिलाड़ियों के लिए यह सुनहरा मौका तो है ही, Major Leauge Baseball के लिए भी यह अनोखा मौका है। इस लीग में दुनियाभर के कई खिलाड़ी चुने जाते हैं, लेकिन भारत से कोई खिलाड़ी इसमें हिस्सा नहीं ले रहा था।

शारीरिक अपंगता, नेत्रहीनता? वो क्या होती है !?

दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा और जुनून हो, तो तमाम मुश्किलों को घुटने टेकने पड़ते हैं। भले ही यह मुश्किल शारीरिक अपंगता के रूप में ही क्यों न हो! नेत्रहीनता जैसी एक ऐसी ही मुश्किल अहमदाबाद के गगनबीर सिंह छाबड़ा की ताल पर भांगडा करती नजर आई, जब उन्होंने CAT के गले में घंटी बांध दी। गगनबीर देख नहीं सकते, इसके बावजूद 2007-08 की 'कैट' परीक्षा में उन्होंने 94 परसेंटाइल हासिल किया। उन्हें 5 आईआईएम से कॉल आईं। IIM बेंगलुरु और IIM कोलकाता ने गगन की हिम्मत को सलाम करते हुए उन्हें एडमिशन का ऑफर भी कर दिया है।

आईआईएम की डिग्री को आमतौर पर मोटी तनख्वाह की गारंटी माना जाता है, लेकिन गगन की निगाहें कहीं और हैं। अपनी पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद गगन कॉरपोरेट जगत का हिस्सा नहीं बनना चाहते, बल्कि सरकारी और अर्द्धसरकारी संस्थानों में रहकर कुछ अनुभव हासिल करना चाहते हैं। उनके लक्ष्य भी बेहद साफ हैं। वह साफ शब्दों में कहते हैं कि आज से 10 साल बाद मैं भारत का बेस्ट मानव संसाधक प्रबंधक बनना चाहता हूं।

नवभारत टाइम्स की ख़बर है कि जन्म से ही नेत्रहीनता (लगभग १५ से २० प्रतिशत की दृष्टि), Retinitis Pigmentosa की समस्या से जूझ रहे २२ वर्षीय गगनबीर का आईआईएम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। नेत्रहीनता के चलते आने वाली समस्याओं और लोगों के कमेंट्स ने गगनबीर के उत्साह को कदम-कदम पर तोड़ने की कोशिश की, लेकिन अपनी मां की प्रेरणा से आईआईएम का ख्वाब संजोने वाले इस शख्स ने आखिर में अपने सभी आलोचकों को गलत साबित कर दिया। गौरतलब है कि Human Resource Management की पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने टॉप रैंक हासिल की थी। कामयाबी का पूरा श्रेय मां स्वर्गीय हरिंदर कौर को देने वाले गगनबीर को किसी से कोई शिकायत नहीं है, बस एक दुख जरूर है। वह यह कि शानदार कामयाबी के इन लम्हों में काश! आज उनकी मां उनके साथ होतीं।

सावधान! हमारी थाली पर अमेरिकी राष्ट्रपति की नजर है!!

इस ख़बर को पढ़ कर, हिन्दी फिल्म में अभिनेता गोविंदा पर फिल्माए गए, शरारत भरे गीत के बोलों की याद आ गयी " ... तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं?"। फिर डर भी लगा कि अफगानिस्तान, ईराक़ के बाद कहीं इनकी आँख इधर तो नहीं! मीडिया में खबरें आयी हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का, अपनी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस की तरह मानना है कि भारतीय मध्यम वर्ग के खानपान की वजह से ही दुनिया भर में कीमतें बढ़ रही हैं। भारत पर महंगाई का इल्जाम मढ़ते हुए बुश यह भी भूल गए कि सारी दुनिया अमेरिका में खाद्यान्न की जगह बायो फ्यूल के लिए बढ़ती खेती को कोस रही है। उन्हें जब इसकी याद दिलाई गई तो उन्होंने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया।

'अमेरिका में अर्थव्यवस्था' पर एक बातचीत के दौरान बुश ने कहा , ' भारत जैसे देशों में बढ़ती संपन्नता अच्छी बात है , लेकिन इस वजह से वहां अच्छे खाने की मांग बढ़ रही है। यह हमारे लिए अच्छा है क्योंकि हमें वहां अपना माल बेचने का मौका मिलेगा , लेकिन इससे मांग बढ़ेगी। मसलन भारत में मध्यम वर्ग की आबादी 35 करोड़ से ज्यादा है , जो अमेरिका की कुल जनसंख्या से ज्यादा है। जब पैसे ज्यादा आते हैं तो अच्छे खाने की मांग भी बढ़ती है और इस वजह से कीमतें बढ़ रही हैं। '

बुश के इस बयान पर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित देशों की कृषि सब्सिडी के कारण विकासशील देशों में कृषि में निवेश घाटे का सौदा बन गया और अनाज पैदा करने की उनकी क्षमता मारी जा चुकी है। सीपीआई के डी . राजा के मुताबिक भारत और चीन में खाने की मांग बढ़ी है , लेकिन इसमें गलत क्या है ? हम अमेरिकी राष्ट्रपति के आगे हाथ नहीं फैला रहे हैं। वाणिज्य राज्य मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि बुश की इकॉनमिक्स कमजोर रही है और उन्होंने यह बात फिर साबित कर दी। उधर सीपीएम के प्रकाश कारत ने कहा कि भारत में लाखों लोगों के पास खाने के लिए नहीं है , यह बयान उनका अपमान करता है।

राष्ट्रपति की जमीन हथियाने की कोशिश

बॉर्डर की जमीन बिकने के बाद हरकत में आई, सीबीआई ने राष्ट्रपति के नाम की करीब 200 बीघा जमीन को हथियाने के षड़यंत्र का खुलासा किया है। श्रीगंगानगर के दो लोगों को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई अब इन भू माफिया केइरादे और नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है।

बीकानेर की छत्तरगढ़ तहसील में करीब दो सौ बीघा जमीन राष्ट्रपति के नाम रिकॉर्ड में दर्ज है। इसे अपने नाम कराने के लिए आरोपियों ने जाली दस्तावेज बनाकर बीकानेर कलेक्ट्रेट में पेश किए। बाद में राज्य सरकार ने 2006 में गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर सूचना दी कि इस जमीन के आबंटन के संबंध में श्रम कल्याण मंत्रालय रोजगार एवं पुनर्वास मंत्रालय से प्राप्त दस्तावेजों जाली पाए गए हैं। इस पर गृह मंत्रालय के आदेश से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, नई दिल्ली ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीबीआई नई दिल्ली ब्रांच ने अनुसंधान में पाया कि श्रीगंगानगर जिले की अनूपगढ़ तहसील में सतराना निवासी मुख्तियार सिंह व उजागरसिंह ने राष्ट्रपति की जमीन हथियाने के लिए अर्जी पेश की। जिसके साथ गंगानगर के भू- प्रबंधन अधिकारी व पदेन एसडीएम का फर्जी बनाया आबंटन आदेश पेश किया गया था। सीबीआई ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 अप्रैल को दिल्ली के अति. मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया था, लेकिन क्षेत्राधिकार नहीं होने से कोर्ट ने दोनों को जोधपुर स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। इसके तहत आरोपियों को एसीजेएम सीबीआई मामलात महेंद्र कुमार मेहता की अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते जमानत से इनकार करते हुए दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया।

Saturday, May 3, 2008

महाराष्ट्र में शुक्राणुओं की चोरी

आप सबने सोना-चांदी-हीरे-जवाहरात की चोरी की बात तो सुनी होगी लेकिन महाराष्ट्र के औरंगाबाद में शुक्राणुओं की चोरी की गई है और चोर पकड़ा भी गया है। शुक्राणुओ की ये चोरी औरंगाबाद के क्रायोबैंक से हुई है जिसे क्रायोसेल इंडिया चलाती है। पकड़ा गया चोर अनिल मोहिते क्रायोबैंक की लेबोरेटरी में काम करने सुनिल मोहिते का भाई है। मामले की जांच कर रहे अधिकारी पी एस बोलकर ने बीबीसी को बताया कि क्रायोबैंक के अधिकारियों ने हफ्ते भर पहले उनसे शिकायत की थी कि उनके शुक्राणु बैंक से चोरी हो रही है।

पुलिस के अनुसार अनिल और सुनिल ने मिलकर ये शुक्राणु चुराए और बेचने की कोशिश की लेकिन शायद उन्हें ये नहीं पता था कि ये इतने मंहगे नहीं है। इन चोरों ने शुक्राणुओं के क़रीब 100 नमूने चुराए थे जिसकी क़ीमत 25 से 40 हज़ार आंकी गई. हालांकि कुछ डॉक्टरों के अनुसार शुक्राणुओं की क़ीमत प्रति शुक्राणु एक हज़ार रुपए तक भी हो सकती है। क्रायोबैंक के प्रमुख सूर्यकांत हयातनगरकर कहते हैं कि पिछले एक साल से उनके बैंक में चोरियां हो रही थीं और उन्हें शक था.

शुक्राणुओं को संरक्षित रखना मुश्किल काम है तो फिर ये चोरी हुई कैसे. पुलिस अधिकारी पीएस बोलकर बताते हैं, " देखिए इसमें तो बैंक के कर्मचारी मिले हुए हैं. ये हुआ कि इन कर्मचारियों को वो सभी डॉक्टर जानते हैं जो इस बैंक से स्पर्म लेते हैं. इन्हें शुक्राणुओं को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की प्रक्रिया मालूम है. इसलिए उन्हें दिक्कत नहीं हुई चुराने में." डॉक्टर भी इस तरह की चोरी से थोड़े अचंभे में हैं क्योंकि आम तौर पर कृत्रिम गर्भाधान करवाने वाले सभी क्लिनिकों के पास अपने शुक्राणु बैंक होते हैं और वो किसी बाहरी व्यक्ति से इनकी ख़रीद फ़रोख्त नहीं करते. हयातनगरकर कहते हैं कि शुक्राणुओं की ख़रीद फ़रोख्त के क्षेत्र में कोई क़ानून न होना भी चोरी की वजह है.

भारत में इस संबंध में कोई क़ानून नहीं है जिसका मतलब है कि कोई भी डॉक्टर किसी से भी शुक्राणु खरीद सकता है. इस घटना से ये संभव नहीं है कि क़ानून बन जाएं लेकिन इतना ज़रुर है कि शुक्राणुओं की इस चोरी में क्रायोबैंक को नुकसान हो गया है क्योंकि अब चोरी वाले शुक्राणु उनके शायद किसी काम न आएं.

Thursday, May 1, 2008

मां से झगड़ने वाली का बनाया अश्लील प्रोफाइल, आमिर ने

मुंबई क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने एक महिला का अश्लील प्रोफाइल बनाने के आरोप में 31 साल के एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच चीफ राकेश मारिया के अनुसार पकड़ा गया आरोपी आमिर अनवर सैयद उसी बिल्डिंग में रहता था, जिस बिल्डिंग की महिला का उसने अश्लील प्रोफाइल बनाया था। बाद में उसने यह प्रोफाइल ऑर्कुट वेबसाइट पर डाल दिया।

इसमें महिला का मोबाइल नंबर भी दिया गया था। महिला की शिकायत पर जब साइबर सेल ने मामले की जांच की, तो इसमें आमिर पकड़ा गया। बाद में जांच करने पर पता चला कि महिला और आरोपी की मां के बीच सोसायटी के किसी लफड़े को लेकर झगड़ा हुआ था।