एलएलबी प्रथम वर्ष की परीक्षा में नकल करने के दोषी पाए गए एक आईपीएस अधिकारी को गुजरात यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2007-08 की परीक्षा में फेल घोषित कर दिया है। 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनीश राय को फेल करने का फैसला गुजरात विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने किया। यह सिफारिश विश्वविद्यालय सुधार समिति ने की थी।
गुजरात विश्वविद्यालय सुधार समिति ने राय को गांधीनगर स्थित सिद्धार्थ कालेज में एलएलबी प्रथम वर्ष की परीक्षा में नकल का दोषी पाया था। हालांकि, राय को फेल करने के फैसले पर अधिकारी बंटे हुए हैं। कार्यकारी परिषद के सदस्य सुधीर नानावती ने कहा कि 17 अधिकारियों में से सात ने इस निर्णय का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुधार समिति ने जो प्रक्रिया अपनाई, वह विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप नहीं है। कार्यकारी परिषद के एक अन्य सदस्य मनीष दोषी का भी यही कहना है। उन्होंने कहा कि हम इस मामले में अपनाई गई प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि नकल के मामले की जांच खुद कुलपति ने की। दोषी ने कहा कि हम सजा के खिलाफ नहीं हैं लेकिन किसी भी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। इस मामले में ऐसा नहीं हुआ है। राय ने सुधार समिति के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले पर 24 जून को सुनवाई होनी है।
भारत की तलाश
Tuesday, June 10, 2008
नकल का दोषी IPS अधिकारी फेल घोषित
Monday, April 28, 2008
डीआईजी स्तर का पुलिस अधिकारी, नक़ल करते पकडाया
आप क्या समझते हैं, शैक्षणिक परीक्षायों में आम होती जा रही नक़ल की महामारी सिर्फ आपके आसपास के स्कूल या कॉलेज में ही हो सकती है? यहाँ, मेरे इंडिया में तो गुजरात कैडर के एक IPS अधिकारी को गांधीनगर के सिद्धार्थ लॉ कॉलेज में एलएलबी की परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा गया।
गुजरात यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति एन।के.पटेल ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने नवभारत टाईम्स को बताया कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनीश रॉय को शुक्रवार को नकल करते हुए पकड़ा गया। श्री पटेल ने बताया कि इसी परीक्षा में नकल करते हुए नौ अन्य लोगों को भी पकड़ा गया। रजनीश राय, उप महानिरीक्षक (राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के पद पर तैनात हैं। रॉय के नाम अनेक सनसनीखेज मामलों को सुलझाने का श्रेय भी जाता है। सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी पूर्व डीजीपी डीजी वंजारा व अन्य आला अधिकारियों को गिरफ्तार कर राय खासे चर्चित रहे थे।
