भारत की तलाश

 

Friday, December 12, 2008

हमारे कमांडो ने द्वितीय विश्व युद्ध के हेलमेट, 1965 के भारत-पाक युद्ध के बुलेट प्रूफ जैकेट पहने हुए थे

मुंबई के आतंकी हमले में आतंकवादियों से भिड़ने वाले कमांडो ने द्वितीय विश्व युद्ध के जमाने के हेलमेट और 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान के बुलेट प्रूफ जैकेट पहने थे। यह जानकारी कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने 11 दिसम्बर को राज्यसभा में दी। आतंकवाद पर चर्चा में भाग लेते हुए शुक्ला ने कहा कि 'उनके' पास अत्याधुनिक हथियार थे, जबकि हमारे कमांडो के हेलमेट द्वितीय विश्व युद्ध के जमाने के थे और बुलेट प्रूफ जैकेट 1965 के, जबकि पाक आतंकियों के पास रात में देखने वाले कैमरे भी हेलमेट में लगे थे।

उन्होंने कहा कि मुंबई हमले के बाद तीन नेताओं के इस्तीफे हुए, लेकिन अफसरों की भी जिम्मेदारी बनती है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के चार सेंटर खुलने वाले थे, आखिर वे क्यों नहीं खुले, किसने फाइल दबा रखी थी। रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय इसे आगे बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते। हमें जनता की भावना को समझना होगा और कोई कड़ी कार्रवाई करना होगी। पाकिस्तान तो युद्ध में बर्बाद हो जाएगा। उसके पास 30 लाख डॉलर की विदेशी मुद्रा है, जबकि भारत के पास 25 करोड़ डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है

4 comments:

दीपक कुमार भानरे said...

बड़े ही खेद की बात है .
किंतु सरकार और प्रशासन द्वारा अभी भी बाहरी दिखावे की राजनीति की जा रही है . जमीनी स्तर की आतंकवाद से लड़ाई लड़ने की तैयारी जैसे आंतरिक और बाहरी सुरक्षा एजेन्सी को शसक्त और आधुनिक बनाने की नजर ही नही आ रही है . बस पकिस्तान को दोषी बताने का राग अलापा जा रहा है .

bijnior district said...

यह अफसोस करने वाली बात नही। शर्मनाक बात है एवं इसके लिए जिम्मेदार लोगो के विरूद्ध कठोर
कार्रवाई की जरूरत । हमारे नेताआें एवं अधिकारियों ने सदैव अपनी सुरक्षा पर ध्यान दिय। देशवासियों के प्रति उन्होंने सौचा ही नहीं। इसलिए सुरक्षा बलो एस आै जी कमांडों को आधुनकि शस्त्र एवं उपकरण देने की उनकी कभी सोच नही रही। मेरा मानना है कि उनका सोच शायद यह रहा होगा कि इन्हें आधुनकि उपकरणो की जरूरत क्या है। जवान तो मरते ही रहतें हैं।

Doobe ji said...

shame shame shame on us

राज भाटिय़ा said...

यह हम सब के लिये शर्म की बात है, यह कमांडो हमारे ही घरो के बच्चे है, हमे सरकार को मजवुर करना होगा,कि देश की इज्जत को मिट्टी मै ना मिलाये.
धन्यवाद