भारत की तलाश

 

Sunday, May 31, 2009

विधायक के विवाह में 20 करोड़ रुपये का खर्च

इतनी शानदार शादी शायद ही पहले कभी किसी ने देखी हो। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी. श्रीरामुलु के भतीजे और विधायक टीएच सुरेश बाबू के विवाह में 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 29 मई को 27 वर्षीय बाबू का विवाह दीपा से हुआ। 8 एकड़ में बनाए गए पंडाल को महल का रूप दिया गया था, जहाँ 40 हजार मेहमानों की खातिरदारी की गई। लौह अयस्क खदानों के मालिक श्रीरामुलु ने मुख्यमंत्री सहित वीआईपी मेहमानों को लाने के लिए हेलिकॉप्टर के बेड़े का इंतजाम किया था। मेहमानों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए 500 एसी लगाए गए थे और बिजली के लिए पावरफुल जनरेटर मौजूद थे। कई प्रकार के स्वादिष्ट पकवान 200 से ज्यादा खानसामों ने तैयार किए। सूत्रों के अनुसार भोजन तैयार करने में 11 हजार क्विंटल चावल का इस्तेमाल हुआ, जिसमें 1 हजार क्विंटल बासमती चावल शामिल है।

Tuesday, May 12, 2009

प्रमोशन की खुशी पर थाने में दारू पार्टी, पकड़े जाने पर एसएचओ एसीपी की ओर जिप्सी दौड़ाते भागा

आज नवभारत टाइम्स पर एक मज़ेदार खबर दिखी, जिसे शब्दश: यहाँ पेस्ट किया जा रहा है। हुया यह कि दरोगा के इंस्पेक्टर बनने की खुशी में पुलिसकर्मियों ने थाने के अंदर ही शराब की पार्टी कर डाली। किसी दिलजले ने विजिलेंस को खबर दे दी। रेड पड़ते ही पुलिसवाले भाग गए। थाने में दारू पीने और मेडिकल चेकअप कराने के बजाय भाग खड़े होने पर एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना रविवार रात नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के स्वरूप नगर थाने में हुई।

इस थाने के सब इंस्पेक्टर सतबीर का प्रमोशन हुआ था। तीन दिन पहले उन्हें इंस्पेक्टर बनाकर क्राइम अगेन्स्ट वुमन सेल भेजा गया था। इस 'खुशी' में पार्टी का फैसला किया गया। पार्टी की जगह तय की गई थाने के अंदर। रविवार रात दर्जन भर पुलिसवाले थाने में मदिरापान कर नॉन वेज खाने में जुटे हुए थे। इसी दौरान किसी ने डिस्ट्रिक्ट विजिलेंस को फोन कर रंग में भंग डाल दिया। रात 10:30 बजे विजिलेंस की टीम थाने में पहुंची तो पार्टी पूरे शबाब पर थी। विजिलेंस वालों को देखते ही झूम रहे पुलिसवालों में भगदड़ मच गई। एसएचओ राजेश नथानी के अलावा, सब छलांग लगाते हुए फरार हो गए। एसएचओ नथानी को रोकने में विजिलेंस कामयाब हो गई। उनसे मेडिकल चेकअप कराने के लिए हॉस्पिटल चलने को कहा गया। मेडिकल चेकअप की बात सुनते ही एसएचओ भी वहां से भाग खड़े हुए।

एसीपी प्रेमनाथ ने अफसरों को दी गई रिपोर्ट में बताया कि एसएचओ ने भागते हुए जिप्सी उनकी ओर दौड़ा दी थी, जिससे वह बड़ी मुश्किल से बचे। विजिलेंस की टीम ने मौके से शराब की कई बोतलें और आधे भरे जाम जब्त कर लिए। रात में ही सीनियर पुलिस अफसरों को माजरे की जानकारी दी गई।

जॉइंट पुलिस कमिश्नर (नॉर्दर्न रेंज) कर्नल सिंह ने बताया कि एसएचओ राजेश नथानी को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि थाने के अंदर शराब पीने और मेडिकल चेकअप कराने के बजाय फरार हो जाने के कारण नथानी को सस्पेंड किया गया है। पार्टी में शामिल बाकी पुलिसवालों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रमोशन के साथ ही इंस्पेक्टर सतबीर के सस्पेंड होने की संभावना है। डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के ऑर्डर कर दिए गए हैं।

Saturday, April 25, 2009

महाराष्ट्र के मंत्री को प्रेमिका संग पकड़ा बीबी ने, दोनों की की पिटाई

महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री को उनकी पत्नी ने दूसरी महिला के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। मंत्री की पत्नी ने न केवल उस महिला की चुटिया खींची , बल्कि अपने पति की भी जमकर धुनाई की। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में आजकल यह मुद्दा चुनाव जितना ही गर्म बना हुआ है।

खबरों के अनुसार यह घटना दक्षिणी मुंबई के मनोरा विधायक होस्टल में हुई, जब उनकी पत्नी ने होस्टल में प्रवेश किया तो मंत्री और उनकी महिला मेहमान प्रथम मंजिल के एक कमरे में थे। अपने पति को दूसरी महिला के साथ देखकर मंत्री की पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और उन्होंने उसकी धुनाई कर दी। यहां तक कि उन्होंने अपने पति को भी नहीं बख्शा। इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं दर्ज की गई है।खबरों में यह भी बताया गया है कि मंत्री विदर्भ क्षेत्र से आते हैं और अशोक चव्हाण सरकार में उन्हें हाल ही में शामिल किया है।

मंत्री की पत्नी नागपुर में थी और उन्हें अगले दिन मुंबई पहुंचना था। मंत्री की पत्नी को कहीं से इसकी भनक लग गई थी कि उनके पति क्या गुल खिलाने वाले हैं और उसके बाद वह अंतिम उड़ान पकड़ कर अचानक मुंबई पहुंच गई।

वह ख़बर यहाँ देखी जा सकती है।

बीबी द्वारा नैनो की बुकिंग के लिए रजामंदी नहीं जताने पर फांसी लगा कर आत्महत्या

आम आदमी की कार नैनो के प्रति दीवानगी में, जमशेदपुर में एक व्यक्ति ने अपनी जान दे दी। टाटा मोटर्स की बहुचर्चित लखटकिया कार के इस दीवाने ने अपनी कामकाजी बीबी द्वारा नैनो की बुकिंग के लिए रजामंदी नहीं जताने पर पिछले दिनों कथित तौर पर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।खबरों के मुताबिक नगर के सिदगोड़ा क्षेत्र में एग्रिको निवासी अरुण तिवारी (40) ने कुछ ही दिन पहले पत्नी से नैनो की बुकिंग कराने की मांग की थी। इस बात को लेकर उसके परिवार में पिछले तीन-चार दिन से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि नैनो की बुकिंग से इंकार किए जाने से अरुण का दिल ऐसा टूटा कि उसने अपने घर में पंखे से धोती का फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली।

पेशे से एलआईसी एजेंट अरुण ने दो शादियां की थीं। उसकी दूसरी बीबी टाटा स्टील की सहायक कंपनी जुस्को में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी है, जबकि पहली पत्नी घरेलू महिला है। नैनो की बुकिंग को लेकर दोनों पत्नियों में भी कहासुनी हुई थी। अरूण की कामकाजी बीबी ने उसे कुछ माह पहले ही एक मोटरसाइकिल दिलाई थी पर वह इसे बेच कर नैनो खरीदना चाहता था।

Saturday, March 28, 2009

स्कूलों में फीस वृद्धि का मामला तूल पकड़ने लगा

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बहाने स्कूलों में फीस वृद्धि के प्रयास के खिलाफ भारत के अभिभावक संघ लामबंद हो रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले पर जनहित याचिका दायर होने के बाद अब देश के बाकी राज्यों में भी अभिभावक अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बीच सत्र में फीस बढ़ाए जाने पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत की ओर से फीस वृद्धि पर एतराज जाहिर करने के बाद देश भर में स्कूलों के खिलाफ धरने-प्रदर्शनों का दौर भी शुरू हो गया है।

दैनिक भास्कर में अमित सिंह की रिपोर्ट है कि दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले पर जनहित याचिका दाखिल करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल से, गुजरात, हरियाणा, छत्तीसगढ़, पंजाब और गोवा समेत देश के कई शहरों के अभिभावक उनके संपर्क कर रहे हैं। दिल्ली में दायर जनहित याचिका को इन शहरों में फीस वृद्धि का विरोध कर रहे लोगों को भेजा जा रहा है। इस आधार पर जल्द ही वहां भी लोग अदालत की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं। 


अग्रवाल का कहना है कि राज्यों में स्कूलों के संचालन को लेकर नियम-कायदे बेहद लचर और असमान हैं। लेकिन ज्यादातर जगह फीस वृद्धि के मामले और अभिभावकों के शोषण की स्थितियां तकरीबन एक जैसी ही हैं। गुड़गांव में भी 27 मार्च को हजारों अभिभावकों ने नेशनल हाईवे जाम कर प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। पानीपत में भी काफी दिनों से स्थानीय अभिभावक पब्लिक स्कूलों के खिलाफ लामबंद होकर मामले का विरोध करने में जुटे हैं। कानपुर में भी यह मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है। 26 मार्च को वहां के पब्लिक स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन करते करीब 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह गोवा में भी सामाजिक कार्यकर्ता ओरलैंडो पचेको के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है।

Friday, March 27, 2009

7 लाख की सुपारी दे कर, इकलौते बेटे ने अपने माँ-बाप का कत्ल करवाया

पुलिस ने इंदौर के एक दंपति की हत्या के सनसनीखेज मामले के भंडाफोड़ का दावा करते हुए तीन लोगों को पकड़ा है।  इंदौर के पॉश इलाके तिलक नगर रहने वाले अजय कुमार जैन और उनकी पत्नी ऊषा जैन की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। दोनों की लाश घर की छत से बरामद हुई। लाश की हालत देखकर पुलिस भी हैरान थी। दोनों लाशों पर 90 से ज्यादा घाव थे। तफ्तीश के बाद आखिरकार पुलिस ने उनके बेटे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक बेटे ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। क्योंकि वो अपने मां-बाप की दौलत हथियाना चाहता था। उसने कथित तौर पर अपने माता पिता की हत्या का सौदा करीब साढ़े सात लाख रुपये में तय किया था।

25 मार्च की सुबह शहर के पलासिया थाना क्षेत्र में अजय कुमार जैन (60) और उनकी पत्नी उषा जैन (55) की लहूलुहान लाश बरामद हुई थी। इनकी हत्या 24 मार्च की रात धारदार हथियारों से की गयी थी। पुलिस द्वारा, जैन दंपति की हत्या के मामले में 25 मार्च की रात उनके बेटे सिद्धार्थ और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच और आरोपियों से पूछताछ के से पता चला कि तीस साल का सिद्धार्थ शराब और सट्टे की लत के चलते कर्ज के भारी बोझ तले दबा था। उसकी इलेक्ट्रानिक सामान की दुकान थी जो घाटे में चल रही थी। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ के पिता ने उसे सही रास्ते पर लाने की कोशिश की लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसके बाद पिता पुत्र में विवाद शुरू हो गये।

सिद्धार्थ पर आरोप है कि परिवार की संपत्ति के बूते कर्ज उतारने की नीयत से इकलौते बेटे ने अपने माता पिता की हत्या की साजिश रची। साथ ही इसे अमली जामा पहनाने के लिये बदमाशों को बतौर पेशगी पचास हजार रुपये नकद और करीब सात लाख रुपये का चेक दिया। 

पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो उसे घर में चौंकाने वाले सुराग मिले। पुलिस के मुताबिक घर में किसी तरह की लूटपाट नहीं की गई थी। घर के किसी भी कीमती सामान को हाथ नहीं लगाया गया था। यानि लूटपाट के इरादे से कत्ल नहीं किया गया था। पुलिस का कहना है कि कत्ल करने के बाद कातिल किसी घबराहट में नहीं था। जैन दंपति को मारने के बाद कातिल आराम से बाथरूम में गया और वहां अपने शरीर और कपड़ों पर लगे खून के दाग को साफ किया और घर से निकल गया। यानि साफ था कि कातिल घर का कोई करीबी शख्स था... और उसने पूरी प्लानिंग करके इस वारदात को अंजाम दिया।

इसके बाद पुलिस ने अजय जैन के बेटे सिद्धार्थ से संपर्क साधा तो उसने बताया कि वो दिल्ली से वापस लौट रहा है। लेकिन पुलिस की पूछताछ में उसने जिस रास्ते का जिक्र किया उसे सुनकर पुलिस चौंक पड़ी। जिस रास्ते से वो वापस लौटने की बात कर रहा था वो दिल्ली जाता ही नहीं। सिद्धार्थ खुद ही अपने जाल में फंस चुका था। पुलिस ने सख्ती की तो उसने एक सनसनीखेज खुलासा किया सुपारी देकर ही उसने अपने मां-बाप की हत्या करवाई थी।

सिद्धार्थ के पिता अजय कुमार जैन प्रदेश के उद्योग विभाग में बतौर संयुक्त निदेशक काम कर रहे थे। वह सात दिन में सेवानिवृत्त होने वाले थे।

Friday, March 13, 2009

अस्पताल में मरीजों को पका हुया चूहा खिला दिया गया!

भले ही डॉक्टर मरीजों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन लेने और साफ सफाई की सलाह देते हों लेकिन 12 मार्च को झारखंड के पाटलिपुत्र मेडिकल कालेज अस्पताल की ओर से,  शिशु वार्ड के मरीजों को चावल के साथ दो पके चूहे भी भोजन में परोस दिए गए। चूहा मिला भोजन करने वाले बच्चे और महिलाएं उल्टियां करने लगीं। आनन-फानन में प्रबंधन ने किचन के दो कर्मचारियों को हटा दिया और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।

12 मार्च की दोपहर लगभग 12 बजे कचहरी रोड में स्थित पीएमसीएच के मरीजों के बीच अस्पताल प्रबंधन की ओर से तैयार भोजन बांटा गया। ग्राउंड फ्लोर से लेकर पहली मंजिल के सभी वार्डो के अधिकतर मरीजों ने इस भोजन को खा लिया। यही भोजन पहली मंजिल पर स्थित शिशु वार्ड में भर्ती मरीजों को दिया गया। दैनिक जागरण के अनुसार, यहां भर्ती अंकुश कुमार और प्रतिमा ने भोजन करना शुरू किया तो उनके खाने में चूहों के दो मरे हुए बच्चे मिले। इसके बाद तो पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। जब तक मामला खुला तब तक बच्चों को दिए गए इस भोजन को बच्चों के साथ उनके कई अभिभावक भी खा चुके थे।

मामला खुलते ही सभी उल्टियां करने लगे। पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। तत्काल मामले की जानकारी अस्पताल अधीक्षक डा. पीके सेंगर को दी गई। उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। किचन में काम करने वाले अस्पताल के दो कर्मियों को हटा दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक डा. पीके सेंगर ने स्वीकार किया कि घटना लापरवाही के कारण हुई है। चावल को पकाने के पहले साफ नहीं किया गया जिसके कारण ऐसी गड़बड़ी हुई। चिकित्सकों के अनुसार यदि भोजन के साथ चूहों को पका दिया जाए तो उसके घातक परिणाम भी हो सकते हैं। यदि चूहे वायरस और बैक्टीरिया से संक्रमित हुए तो भोजन करने वालों को रैट बाइट फीवर और लैप्टो स्पराइसिस बीमारी होने का खतरा रहता है।