इतनी शानदार शादी शायद ही पहले कभी किसी ने देखी हो। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी. श्रीरामुलु के भतीजे और विधायक टीएच सुरेश बाबू के विवाह में 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 29 मई को 27 वर्षीय बाबू का विवाह दीपा से हुआ। 8 एकड़ में बनाए गए पंडाल को महल का रूप दिया गया था, जहाँ 40 हजार मेहमानों की खातिरदारी की गई। लौह अयस्क खदानों के मालिक श्रीरामुलु ने मुख्यमंत्री सहित वीआईपी मेहमानों को लाने के लिए हेलिकॉप्टर के बेड़े का इंतजाम किया था। मेहमानों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए 500 एसी लगाए गए थे और बिजली के लिए पावरफुल जनरेटर मौजूद थे। कई प्रकार के स्वादिष्ट पकवान 200 से ज्यादा खानसामों ने तैयार किए। सूत्रों के अनुसार भोजन तैयार करने में 11 हजार क्विंटल चावल का इस्तेमाल हुआ, जिसमें 1 हजार क्विंटल बासमती चावल शामिल है।
भारत की तलाश
Sunday, May 31, 2009
Thursday, June 12, 2008
रेलवे के यात्रा कूपन लेते हैं, जेल में बंद विधायक
विधायक महोदय जेल में बंद हैं तो क्या हुआ, उन्हें यात्रा कूपन तो चाहिए! बात सुनने में अटपटी लगती है लेकिन यह सच है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के दो सदस्य जेल में बंद होने के बावजूद रेलवे के यात्रा कूपन लेते हैं। चर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में अमरमणि त्रिपाठी चार साल से जेल में बंद हैं। जेल में रहते हुए वे महाराजगंज जिले की लक्ष्मीपुर सीट से 2007 का विधानसभा चुनाव जीते हैं। जब विधानसभा का सत्र चलता है तो वे इसमें भाग लेने के लिए पुलिस हिरासत में जेल से विधानसभा आते हैं। उधर मुख्तार अंसारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में लगभग डेढ़ साल से जेल में हैं। वे भी मऊ जिले की मऊ सदर सीट से जेल में रहते हुए विधानसभा के लिए चुनकर आए हैं।
विधानसभा का पिछला सत्र 11 फरवरी से 17 मार्च के बीच आहूत हुआ था। इसमें मुख्तार अंसारी और अमरमणि त्रिपाठी दोनों भाग लेने आए थे। इस दौरान दोनों ने पटल कार्यालय जाकर दस-दस हजार रूपये के रेलवे यात्रा कूपन लिए। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस द्वारा इस बारे में पूछे जाने पर विधानसभा के प्रमुख सचिव राजेन्द्र प्रसाद पांडेय ने बताया कि जेल में हो या कहीं और, विधायक को सभी सुविधाएं अनुमन्य हैं। जेल में है तो फिर यात्रा कहां और कैसे होगी, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह एक अलग मुद्दा है, फिर भी नियम के तहत विधायक कूपन ले सकता है।
उत्तर प्रदेश राज्य विधान मंडल (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) अधिनियम 1980 एवं तध्दीन बनाई गई नियमावली के तहत विधायक प्रदेश के भीतर अथवा बाहर रेल यात्रा के लिए प्रतिवर्ष बीस हजार रुपये के कूपन ले सकते हैं। बहरहाल विधानसभा के माननीय सदस्य जेल में बंद होने के बावजूद इस सुविधा का लाभ उठाने से चूकना नहीं चाहते।