महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री को उनकी पत्नी ने दूसरी महिला के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। मंत्री की पत्नी ने न केवल उस महिला की चुटिया खींची , बल्कि अपने पति की भी जमकर धुनाई की। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में आजकल यह मुद्दा चुनाव जितना ही गर्म बना हुआ है।
खबरों के अनुसार यह घटना दक्षिणी मुंबई के मनोरा विधायक होस्टल में हुई, जब उनकी पत्नी ने होस्टल में प्रवेश किया तो मंत्री और उनकी महिला मेहमान प्रथम मंजिल के एक कमरे में थे। अपने पति को दूसरी महिला के साथ देखकर मंत्री की पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और उन्होंने उसकी धुनाई कर दी। यहां तक कि उन्होंने अपने पति को भी नहीं बख्शा। इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं दर्ज की गई है।खबरों में यह भी बताया गया है कि मंत्री विदर्भ क्षेत्र से आते हैं और अशोक चव्हाण सरकार में उन्हें हाल ही में शामिल किया है।
मंत्री की पत्नी नागपुर में थी और उन्हें अगले दिन मुंबई पहुंचना था। मंत्री की पत्नी को कहीं से इसकी भनक लग गई थी कि उनके पति क्या गुल खिलाने वाले हैं और उसके बाद वह अंतिम उड़ान पकड़ कर अचानक मुंबई पहुंच गई।
वह ख़बर यहाँ देखी जा सकती है।
भारत की तलाश
Saturday, April 25, 2009
महाराष्ट्र के मंत्री को प्रेमिका संग पकड़ा बीबी ने, दोनों की की पिटाई
Monday, April 14, 2008
कर्नल की बीवी के साथ फरार हुया मेजर गिरफ्तार
भारतीय सेना का यह अधिकारी न केवल खुद भागा बल्कि संयुक्त राष्ट्र मिशन में देश से बाहर तैनात एक अन्य सैन्य अधिकारी की पत्नी को भी ले उड़ा। सब्सिडी पर मिलने वाली सुरा जनता को बेचने वाले जनरल, इनाम और प्रमोशन के लालच में टमाटर की चटनी लगाकर नागरिकों को मारे गए आतंकी बताने वाले कर्नल के शातिर कारनामों की कड़ी में अब एक मेजर का नाम भी जुड़ गया है। कर्नल की बीवी को भगा ले जाने वाले इस मेजर ने सेना से बचने के लिए अपनी मौत तक का ड्रामा रच डाला था।
हिन्दुस्तान टाईम्स के मुताबिक, सेना में डाक्टर मेजर अनराग शर्मा असम में तिनसुकिया में 162 सेना अस्पताल में तैनाती के दौरान, कर्नल की बीबी को पिछले साल जून में असम के तिनसुकिया जिले से भगाकर ले गया था। गत वर्ष 12 जून को डिब्रूगढ़ के पास उसने ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे अपने वाहन में एक सुसाइड नोट छोड़ा कि वह मानसिक रूप से काफी परशान है और आत्महत्या कर रहा है। उसके शव की नदी में तलाश की गई, लेकिन नहीं मिलने पर मरा मान लिया गया। उसकी कार ब्रहमपुत्र नदी के किनारे बरामद हुई थी।
इसी दौरान पता चला कि संयुक्त राष्ट्र मिशन में तैनात आर्टिलरी के एक लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी भी लापता है। स्वयं भगोड़े मेजर की पत्नी भी सेना में डॉक्टर मेजर है और सूडान में है। दोनों के एक-एक बेटा है। दैनिक भास्कर के अनुसार, इस बीच भगोड़े मेजर का मोबाइल फोन सक्रिय पाया गया। यहां से नई दिशा में तलाश शुरू हुई और करीब तीन महीने बाद आर्मी इंटेलीजेंस ने महाराष्ट्र के सांगली जिले में इस मेजर को ढूंढ निकाला। वहां वह अपने असली नाम पर एक अस्पताल में बतौर कैंसर स्पेशलिस्ट काम कर रहा था। सांगली में यह मेजर अस्पताल के पास ही रहा करता था। उसने पड़ोसियों से कर्नल की बीवी का परिचय अपनी बीवी की तरह कराया था।
उसने बताया कि वह बिहार, गुजरात, गोवा होते हुए महाराष्ट्र पहुंचा था। उसके साथ भागी सैन्य अधिकारी की पत्नी भी अंडमान से चेन्नई होते हुए महाराष्ट्र पहुंच गई। लेकिन सेना खुफिया तंत्र की टीम की सूझबूझ के आगे उसकी चालाकी नहीं चली। जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली, सेना की टीम ने प्रशासन को उसकी जानकारी दी और गत सितंबर में उसे सांगली से गिरफ्तार कर लिया।
दिसंबर 07 में दिनजान में 2 माउंटेन डिविजन के जीओसी ने उसके खिलाफ कोर्टमार्शल की कार्रवाई की और उसे रैंक व पेंशन विहीन कर सेना से निकाल दिया गया। सेना से जवानों के अलावा अब अधिकारियों के भागने की घटनाओं ने सेना को काफी शर्मसार किया है। पिछले 5 वर्षों में थलसेना, नौसेना व वायुसेना के अफसरों के भगोड़ा बनने की दर्जन भर घटनाएं हो चुकी हैं।
Saturday, April 12, 2008
मुख्यमन्त्री की पत्नी ने गलत 'पैन' नंबर दिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह पर आयकर विभाग ने दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया हैं। उन पर आरोप हैं कि आयकर विभाग को दिए गए ब्यौरे में उन्होंने पर्मानेन्ट एकाउन्ट नम्बर (पैन) गलत दर्ज किया हैं।
मीडिया में आयी जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री की पत्नी ने आयकर विभाग में बीते वित्तीय वर्ष का आय व्यय का जो ब्यौरा दिया हैं उसमें उन्होंने गलत पैन नम्बर दर्ज किया हैं। इस पर आयकर विभाग ने धारा 272 (बी) के तहत साधना सिंह को नोटिस जारी किया हैं। साथ ही उन पर दस हजार का जुर्माना भी किया।
आयकर आयुक्त एम.के.मोघे ने इस बात की पुष्टि की है कि साधना सिंह द्वारा गलत पैन नंबर दिए जाने के कारण उनके विभाग द्वारा नोटिस जारी की गई है।
Friday, April 11, 2008
दहेज़ नहीं मिला तो पत्नी की आँख निकाल ली
राउरकेला के गोपीनाथपुरा घासेरा गांव में एक महिला को दहेज की कीमत अपनी आंख से चुकानी पड़ी। दहेज का हवस रखने वाले एक आदमी ने दहेज की मांग पूरी न हो पाने के कारण अपनी ही पत्नी की न सिर्फ आंखे ही निकाली बल्कि बर्बरता पूर्वक उसके सात दांत भी तोड़ दिए।
दैनिक भास्कर के अनुसार, पीड़ित के पति वृंदावन ने इस बर्बरता पूर्वक घटना को 28 मार्च को ही अंजाम दिया था लेकिन पीड़िता तुलसी किशन ने इलाज के दौरान पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई। उसके तुरंत बाद पुलिस ने कानूनी कार्यवाही करते हुए पति वृंदावन किशन को गिरफ्तार कर लिया है।
तुलसी ने बताया उसकी शादी जून 2006 को हुई थी इसके बाद से ही उसके पति उसको दहेज के लिए परेशान कर रहा था। तुलसी ने अपने बयान में पति को जहां दोषी बताया वहीं अपने सास-ससुर को एकदम निर्दोष बताया।