महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री को उनकी पत्नी ने दूसरी महिला के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। मंत्री की पत्नी ने न केवल उस महिला की चुटिया खींची , बल्कि अपने पति की भी जमकर धुनाई की। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में आजकल यह मुद्दा चुनाव जितना ही गर्म बना हुआ है।
खबरों के अनुसार यह घटना दक्षिणी मुंबई के मनोरा विधायक होस्टल में हुई, जब उनकी पत्नी ने होस्टल में प्रवेश किया तो मंत्री और उनकी महिला मेहमान प्रथम मंजिल के एक कमरे में थे। अपने पति को दूसरी महिला के साथ देखकर मंत्री की पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और उन्होंने उसकी धुनाई कर दी। यहां तक कि उन्होंने अपने पति को भी नहीं बख्शा। इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं दर्ज की गई है।खबरों में यह भी बताया गया है कि मंत्री विदर्भ क्षेत्र से आते हैं और अशोक चव्हाण सरकार में उन्हें हाल ही में शामिल किया है।
मंत्री की पत्नी नागपुर में थी और उन्हें अगले दिन मुंबई पहुंचना था। मंत्री की पत्नी को कहीं से इसकी भनक लग गई थी कि उनके पति क्या गुल खिलाने वाले हैं और उसके बाद वह अंतिम उड़ान पकड़ कर अचानक मुंबई पहुंच गई।
वह ख़बर यहाँ देखी जा सकती है।
भारत की तलाश
Saturday, April 25, 2009
महाराष्ट्र के मंत्री को प्रेमिका संग पकड़ा बीबी ने, दोनों की की पिटाई
Wednesday, September 17, 2008
राज्य मंत्री का भाई चोरी करते पकड़ा गया
उत्तर प्रदेश में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त मदन लाल बिन्द के सगे भाई शिवशंकर बिन्द को मंगलवार की सुबह कोतवाली क्षेत्र में लोगों ने चोरी करते वक्त पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने बताया कि शिवशंकर अपने 2 शातिर चोर साथियों के साथ एक दुकान का ताला तोड़कर समान मारुति कार में भर रहा थे, तभी लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। शिवशंकर के 2 अन्य साथी भाग निकले।
Monday, September 1, 2008
प्रेम विवाह कर, दहेज में 15 लाख मांगे, न मिलने पर पत्नी को छत से फेंका
दहेज लोभी पति ने दहेज में पंद्रह लाख रुपये न मिलने पर पत्नी को घर की छत से फेंक दिया। इस समय उसकी पत्नी अस्पताल में जिंदगी व मौत से जूझ रही है। चार महीने पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था। अमृतसर के राकेश खन्ना शॉल व्यापारी है। उनकी बेटी गोपिका ने घर के सामने ही रहने वाले इंद्रजीत सिंह बल्ल के साथ प्रेम विवाह किया है। उनका दामाद इंद्रजीत कोई काम नहीं करता। शादी के एक महीने के बाद इंद्रजीत ने उनकी बेटी को कहा कि वह व्यापार करना चाहता है। इसलिए वह अपने मायके से पंद्रह लाख रुपये लेकर आए। उनकी बेटी ने पंद्रह लाख रुपये लाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद इंद्रजीत बल्ल ने दूसरी शर्त उनकी बेटी के समक्ष रखी कि वह अपने पिता के व्यापार में उसको सांझेदार बनाए। उनकी बेटी ने उसकी यह शर्त भी नामंजूर कर दी। इंद्रजीत और उसकी मां अमरीक कौर पंद्रह लाख रुपये मांगने की जिद जारी रखी। 29 अगस्त की रात, इंद्रजीत बल्ल, उसका पिता बलदेव सिंह, मां अमरीक कौर व गोपिका चारों घर की छत पर बैठे हुए थे। इसी दौरान पंद्रह लाख रुपये लाने की बात की चर्चा शुरू हो गयी। उनकी बेटी ने इससे इनकार किया तो इंद्रजीत ने उनकी बेटी को पीटना शुरू कर दिया। घर की छत पर खड़ी उनकी बेटी ने जोर-जोर से उनको आवाजें लगानी शुरू कर दी। इससे पहले कि वह अपनी बेटी की आवाज सुन पाते। उनके दामाद ने उनकी बेटी को छत से धक्का देकर नीचे फेंक दिया। उनकी बेटी के शरीर की हड्डियां कई जगह से टूट गयी हैं।