महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री को उनकी पत्नी ने दूसरी महिला के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। मंत्री की पत्नी ने न केवल उस महिला की चुटिया खींची , बल्कि अपने पति की भी जमकर धुनाई की। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में आजकल यह मुद्दा चुनाव जितना ही गर्म बना हुआ है।
खबरों के अनुसार यह घटना दक्षिणी मुंबई के मनोरा विधायक होस्टल में हुई, जब उनकी पत्नी ने होस्टल में प्रवेश किया तो मंत्री और उनकी महिला मेहमान प्रथम मंजिल के एक कमरे में थे। अपने पति को दूसरी महिला के साथ देखकर मंत्री की पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और उन्होंने उसकी धुनाई कर दी। यहां तक कि उन्होंने अपने पति को भी नहीं बख्शा। इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं दर्ज की गई है।खबरों में यह भी बताया गया है कि मंत्री विदर्भ क्षेत्र से आते हैं और अशोक चव्हाण सरकार में उन्हें हाल ही में शामिल किया है।
मंत्री की पत्नी नागपुर में थी और उन्हें अगले दिन मुंबई पहुंचना था। मंत्री की पत्नी को कहीं से इसकी भनक लग गई थी कि उनके पति क्या गुल खिलाने वाले हैं और उसके बाद वह अंतिम उड़ान पकड़ कर अचानक मुंबई पहुंच गई।
वह ख़बर यहाँ देखी जा सकती है।
भारत की तलाश
Saturday, April 25, 2009
महाराष्ट्र के मंत्री को प्रेमिका संग पकड़ा बीबी ने, दोनों की की पिटाई
बीबी द्वारा नैनो की बुकिंग के लिए रजामंदी नहीं जताने पर फांसी लगा कर आत्महत्या
आम आदमी की कार नैनो के प्रति दीवानगी में, जमशेदपुर में एक व्यक्ति ने अपनी जान दे दी। टाटा मोटर्स की बहुचर्चित लखटकिया कार के इस दीवाने ने अपनी कामकाजी बीबी द्वारा नैनो की बुकिंग के लिए रजामंदी नहीं जताने पर पिछले दिनों कथित तौर पर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।खबरों के मुताबिक नगर के सिदगोड़ा क्षेत्र में एग्रिको निवासी अरुण तिवारी (40) ने कुछ ही दिन पहले पत्नी से नैनो की बुकिंग कराने की मांग की थी। इस बात को लेकर उसके परिवार में पिछले तीन-चार दिन से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि नैनो की बुकिंग से इंकार किए जाने से अरुण का दिल ऐसा टूटा कि उसने अपने घर में पंखे से धोती का फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली।
पेशे से एलआईसी एजेंट अरुण ने दो शादियां की थीं। उसकी दूसरी बीबी टाटा स्टील की सहायक कंपनी जुस्को में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी है, जबकि पहली पत्नी घरेलू महिला है। नैनो की बुकिंग को लेकर दोनों पत्नियों में भी कहासुनी हुई थी। अरूण की कामकाजी बीबी ने उसे कुछ माह पहले ही एक मोटरसाइकिल दिलाई थी पर वह इसे बेच कर नैनो खरीदना चाहता था।
Saturday, March 28, 2009
स्कूलों में फीस वृद्धि का मामला तूल पकड़ने लगा
छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बहाने स्कूलों में फीस वृद्धि के प्रयास के खिलाफ भारत के अभिभावक संघ लामबंद हो रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले पर जनहित याचिका दायर होने के बाद अब देश के बाकी राज्यों में भी अभिभावक अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बीच सत्र में फीस बढ़ाए जाने पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत की ओर से फीस वृद्धि पर एतराज जाहिर करने के बाद देश भर में स्कूलों के खिलाफ धरने-प्रदर्शनों का दौर भी शुरू हो गया है।
दैनिक भास्कर में अमित सिंह की रिपोर्ट है कि दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले पर जनहित याचिका दाखिल करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल से, गुजरात, हरियाणा, छत्तीसगढ़, पंजाब और गोवा समेत देश के कई शहरों के अभिभावक उनके संपर्क कर रहे हैं। दिल्ली में दायर जनहित याचिका को इन शहरों में फीस वृद्धि का विरोध कर रहे लोगों को भेजा जा रहा है। इस आधार पर जल्द ही वहां भी लोग अदालत की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
Friday, March 27, 2009
7 लाख की सुपारी दे कर, इकलौते बेटे ने अपने माँ-बाप का कत्ल करवाया
पुलिस ने इंदौर के एक दंपति की हत्या के सनसनीखेज मामले के भंडाफोड़ का दावा करते हुए तीन लोगों को पकड़ा है। इंदौर के पॉश इलाके तिलक नगर रहने वाले अजय कुमार जैन और उनकी पत्नी ऊषा जैन की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। दोनों की लाश घर की छत से बरामद हुई। लाश की हालत देखकर पुलिस भी हैरान थी। दोनों लाशों पर 90 से ज्यादा घाव थे। तफ्तीश के बाद आखिरकार पुलिस ने उनके बेटे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक बेटे ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। क्योंकि वो अपने मां-बाप की दौलत हथियाना चाहता था। उसने कथित तौर पर अपने माता पिता की हत्या का सौदा करीब साढ़े सात लाख रुपये में तय किया था।
सिद्धार्थ पर आरोप है कि परिवार की संपत्ति के बूते कर्ज उतारने की नीयत से इकलौते बेटे ने अपने माता पिता की हत्या की साजिश रची। साथ ही इसे अमली जामा पहनाने के लिये बदमाशों को बतौर पेशगी पचास हजार रुपये नकद और करीब सात लाख रुपये का चेक दिया।
Friday, March 13, 2009
अस्पताल में मरीजों को पका हुया चूहा खिला दिया गया!
भले ही डॉक्टर मरीजों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन लेने और साफ सफाई की सलाह देते हों लेकिन 12 मार्च को झारखंड के पाटलिपुत्र मेडिकल कालेज अस्पताल की ओर से, शिशु वार्ड के मरीजों को चावल के साथ दो पके चूहे भी भोजन में परोस दिए गए। चूहा मिला भोजन करने वाले बच्चे और महिलाएं उल्टियां करने लगीं। आनन-फानन में प्रबंधन ने किचन के दो कर्मचारियों को हटा दिया और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
Monday, March 2, 2009
कुंवारों में नसबंदी कराने का चलन शुरू
Friday, February 20, 2009
लोकसभा अध्यक्ष का श्राप: आप सब चुनाव हार जायो!
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने 19 फरवरी को, सदन में हंगामा कर रहे सांसदों को खरी-खरी सुना दी। सोमदा ने सदस्यों से कहा कि आने वाले चुनावों में वे सभी हार का मुंह देखें। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि देश की जनता उन्हें अच्छी तरह पहचान जाएगी और चुनावी फैसला कर सबक सिखाएगी। कड़क मिजाज स्पीकर ने तो यहां तक कह डाला कि आप लोग सार्वजनिक धन में से एक पैसा पाने लायक नहीं हैं।
विभिन्न राजनीतिक दलों के ये सांसद कुछ मुद्दों को लेकर सदन के गर्भगृह में घुस गए थे और प्रश्नकाल में बाधा डाल रहे थे। इन सदस्यों के व्यवहार से खफा अध्यक्ष ने कहा कि वे मानते हैं कि संसद को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा ‘आप लोगों को व्यर्थ में भत्ते देने के लिए सार्वजनिक पैसा नहीं बहाया जाना चाहिए।’ चटर्जी ने ये विचार तब जताए जब बसपा, भाजपा, टीडीपी, आरपीआई, पीएमके और एमडीएमके के कुछ सदस्य गर्भगृह में घुसकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। चटर्जी ने सदस्यों के शोरशराबे से परेशान होकर कहा आपका आचरण निंदनीय है और आप लोकतंत्र का काम तमाम कर रहे हो। देश की जनता सब कुछ देख रही है। मैं उम्मीद करता हूं कि लोग आपको पहचान लें और सबक सिखाएं।
श्री चटर्जी ने पहले तो कहा कि हंगामे के बावजूद वे सदन की कार्यवाही स्थगित नहीं करेंगे लेकिन 15 मिनट तक लगातार नारेबाजी और शोरशराबा जारी रहने पर व्यथित होकर बोल उठे मेरे विचार में सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जानी चाहिए। आपको संसद में आने का भत्ता नहीं मिलना चाहिए। आपको जनता के धन में से एक भी पैसा नहीं दिया जाना चाहिए। आप इसके हकदार नहीं है। आप देश की जनता का अपमान कर रहे है और उसे मूर्ख बना रहे है।