भारत की तलाश

 

Thursday, December 3, 2009

केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री के पांच सितारा होटल का बिल 37 लाख रुपए

तृणमूल कांग्रेस कोटे से केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुल्तान अहमद को पांच सितारा होटल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। वे छह माह से अशोका होटल में हैं और उनका 37 लाख रुपए तक पहुंच गया है।

केंद्रीय मंत्री के एक करीबी ने बताया है कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उनसे कहा है कि वे होटल का बिल चुकाएं। अहमद पहली बार सांसद बने हैं और उन्हें मंत्री वाला बंगला अलॉट हुआ है। सीपीडब्लूडी ने उसे तैयार नहीं करवाया है इसलिए वे उसमें जा नहीं पा रहे।

मंत्री बनने से पहले वे आईटीडीसी के सम्राट होटल में एक माह रहे थे। अहमद ने बताया कि उन्हें अभी तक बिल नहीं मिला है।

Tuesday, November 10, 2009

करदातायों से 3 साल में 30 मंत्रियों ने 300 करोड़ रुपए खर्च करवाए, अपनी देशी-विदेशी यात्रायों पर

एक कार्यकर्ता एस सी अग्रवाल द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में कैबिनेट सचिवालय ने यह जानकारी दी है कि पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्रियों के विदेश व घरेलू दौरे ने विदेश और घरेलू यात्राओं पर पिछले तीन साल में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। कैबिनेट सचिवालय द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2006-07 और 2008-09 की अवधि में कैबिनेट मंत्रियों ने विदेश यात्रा पर 137 करोड़ रुपये से अधिक रकम खर्च किए। वित्त वर्ष 2007-08 में सर्वाधिक 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए। दिलचस्प बात यह है कि उक्त अवधि में मंत्रियों का घरेलू यात्रा पर खर्चा विदेश यात्रा पर व्यय की गई राशि से ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि तीन साल की अवधि के दौरान मंत्रियों ने घरेलू यात्रा पर 163 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए।


संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के पहले कार्यकाल में कैबिनेट स्तर के 30 मंत्री थे। मंत्रियों द्वारा 2008-09 में घरेलू यात्रा पर 94.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो इससे पूर्व दो वर्ष में खर्च की गई कुल राशि के मुकाबले 38 फीसदी ज्यादा है। कैबिनेट सचिवालय द्वारा दिए गए जवाब में यह भी कहा गया है कि राज्यमंत्रियों ने उस अवधि (2006-07 से 2008-09) के दौरान अपनी विदेश यात्राओं पर लगभग 21 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि इसी अवधि में घरेलू यात्राओं पर 27 करोड़ रुपये व्यय किए।

इसी प्रकार, केंद्रीय मंत्रियों ने विदेश और घरेलू यात्राओं पर वित्त वर्ष 2008-09 में 127 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 2007-08 और 2006-07 के दौरान खर्च की गई राशि क्रमश: 138.7 करोड़ रुपये और 82.3 करोड़ रुपये है।

कैबिनेट सचिवालय के जवाब में यह नहीं बताया गया कि विभिन्न मंत्रियों ने कितनी राशि खर्च की क्योंकि इस संबंध में आंकड़ा विभिन्न मंत्रियों के पैसा निकालने और वितरण से संबद्ध अधिकारियों (डीडीओ) के पास है। कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन मंत्रालय के वरिष्ठ एकाउंट अधिकारी जे एल खुराना ने कहा कि यह कार्यालय हर मंत्रालय के इस तरह के खर्चो का अलग-अलग हिसाब नहीं रखता, बल्कि उन्हें एक साथ एक ही मद में डाल दिया जाता है।

प्राप्ति और अदायगी के मौजूदा नियम के मुताबिक इस तरह का अलग-अलग हिसाब संबद्ध मंत्रालय का डीडीओ ही रखता है।

Saturday, October 10, 2009

खून से लहूलुहान, तड़पते रहे जवान: नेता जी की चुनावी सेवा में लगा रहा हेलीकॉप्टर

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवादियों के हमले के बाद खून से लहूलुहान और मदद के लिए तड़पते पुलिसकर्मी। वे वॉकी-टॉकी से अपने अधिकारियों को एक हेलिकॉप्टर भेजने की मिन्नत कर रहे थे। लेकिन हेलिकॉप्टर चंद किलोमीटर दूर होने के बाद भी नहीं पहुंचा।...क्योंकि हेलिकॉप्टर चुनावी रैली में आए नेताजी की सेवा में था।

गढ़चिरौली में 300 माओवादियों ने 40 पुलिसकर्मियों के दल पर हमला बोल दिया था। इससे ठीक 24 घंटे पहले कांग्रेस के उम्मीदवार धर्मराव बाबा आत्राम चुनावी रैली के लिए वहां हेलिकॉप्टर से आए। इस हमले में 17 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। बाकी जो बचे वह अपने घायल साथियों के लिए अधिकारियों से वॉकी-टॉकी से मदद की गुहार लगाते रहे। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनके घायल साथियों की मदद के लिए हेलिकॉप्टर भेजा जा रहा है। लेकिन पांच घंटे गुजर गए, हेलिकॉप्टर नहीं आया।

इस हमले में बचे जवानों की जुबान पर बस एक ही सवाल है। आखिर वह हेलिकॉप्टर क्यों नहीं आया? कुछ जवान नाम न छापने की बात पर कहते हैं अगर हेलिकॉप्टर से मदद मिल जाती,तो उनके इतने साथी जान न गंवाते। यदि हेलिकॉप्टर वहां से गुजरता भी तो माओवादी उससे ही डर जाते। बिना किसी मदद के हम अपने साथियों को दम तोड़ते देखते रहे। गढ़चिरौली में 4 हेलिकॉप्टर तैनाती के लिए तैयार हैं। लेकिन अभी तक वहां एक भी हेलिकॉप्टर नहीं है।


17 शहीद पुलिसकर्मियों का जब अंतिम संस्कार हो रहा था, तो वहां हेलिकॉप्टर से पहुंचे गृह मंत्री जयंत पाटिल को देखकर जवानों के घाव हरे हो रहे थे।

अपने रिश्तेदार सुरेश को इस हमले में खो देने वाले रमेश दुर्गे ने कहा, 'सरकार को नेताओं को हेलिकॉप्टर देने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन जब गढ़चिरौली मे जवानों की जान बचाने के लिए हेलिकॉप्टर भेजने की बात आई तो दिक्कत आ गई। क्या हमारी जान की कोई कीमत नहीं है।?'

Friday, September 18, 2009

वोडाफोन अब लड़कियों की दलाली पर उतर आई!!

अदालत के हुक्म पर पचास लाख रुपए का जुर्माना भुगत चुकी वोडाफोन कंपनी अब सीधे सीधे लड़कियों की दलाली पर उतर आई है। हजारों लड़कियां और गृहणियां हैं जिन्हें दिन में तीन घंटे कहीं से भी आने वाले फोन पर हर तरह की बातें करने के बदले पचास रुपए रोज दिए जाते हैं ... एक लड़की को तीन हजार रुपए महीने मिलते हैं और उसके लिए तीन घंटे रोज बात करना अनिवार्य है। वोडाफोन हर कॉल का दो रुपए प्रति मिनट लेता है यानी तीन घंटे में छत्तीस सौ रुपए कमाता है। मतलब साफ है कि इन गरीब लड़कियों से भी वोडाफोन छह सौ रुपए महीना कमा रहा ...


चंडीगढ़ वाली महिला ने ये भी बताया कि लोग रात में बात करने के लिए बार बार फ़ोन करते रहते है पर वे अपना फ़ोन बंद नहीं कर सकती क्योकि दो बार से ज़्यादा फ़ोन बंद मिलने पर वोडाफोन इनके पूरे महीने के पैसे काट लेता है जो इनके लिए जरुरी है, सो ये चुपचाप लोगो की गन्दी गन्दी बाते भी मज़बूरी में सुनती हैं।...

पढ़िये यह सनसनीखेज खुलासा अरविंद सिंह की कलम से डेटलाइन इंडिया पर

Thursday, September 10, 2009

कानपुर में शिक्षक 10 का पहाड़ा नहीं सुना पाये!! बुलंदशहर में अश्लील क्लिपिंग देखते-दिखाते मिले, क्लास में!!

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गणित के आसान से सवालों का जवाब न दे सकने वाले सरकारी स्कूल के 15 अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार से सिफारिश की है। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने 9 सितम्बर को आईएएनएस को बताया कि विगत दो दिनों के दौरान जिले के प्राथमिक स्कूलों में अध्यापन मूल्यांकन के लिए हुए औचक निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों के अध्यापक आसान से गणित के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार से इन अध्यापकों की वेतनवृद्धि पर रोक और वेतन में कटौती की सिफारिश की गई है।

उन्होंने बताया कि अध्यापकों का इस तरह के सवालों का जवाब देने में असमर्थ होना उनके लिए चौंकाने वाला था। जिस स्कूल के अध्यापक इतने आसान सवालों का जवाब नहीं दे सकते हैं तो वहां के छात्रों से बेहतर प्रदशर्न की उम्मीद कैसे की जा सकती है। अधिकारियों के मुताबिक अध्यापकों से पूछे जाने वाले सवाल गणित पर आधारित और बेहद सरल थे, लेकिन कुछ अध्यापक उनका जवाब देने में असमर्थ रहे तो, कुछ ने गलत जवाब दिया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्कूल के अध्यापक तो 10 और 20 का पहाड़ा तक पूरा नहीं सुना पाये।


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बुलंदशहर में तो एक शिक्षक को अपने मोबाईल पर अश्लील क्लिपिंग देखने व छात्रों को दिखाने की शिकायत पर जाँच का सामना करना पड़ रहा है।

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Thursday, September 3, 2009

रंगरेलियां मनाने से मना किया तो छात्र-छात्रा ने पुलिस वाले को कार से कुचल कर मार डाला

जबलपुर का एक किस्सा सामने आया है जिसमें कार में रंगरेलियां मनाने से मना करने पर गुस्साए छात्र-छात्रा ने एक पुलिसकर्मी की कार से कुचलकर हत्या कर दी। कैंट थाना इंचार्ज अखिल वर्मा ने मीडिया को बताया कि 2 सितम्बर की रात गोलछा कम्पाउंड के पास एक कार काफी देर से खड़ी थी जिसमें एक युवक और युवती रंगरेलियां मना रहे थे। कैंट थाने में तैनात देवीसिंह परोहा ने युवक-युवती से कार में रंगरेलियां करने से मना किया तो युवक नाराज हो गया और उसने पुलिसकर्मी को कार से कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने कार लेकर भाग रहे युवक-युवती को पीछा कर उन्हें बेलबाग थाना क्षेत्र में पकड़ लिया। छात्र की पहचान हितकारणी इंजीनियरिंग कालेज के थर्ड ईयर में पढ़ने वाले के रुप में हुई है। वह गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है जबकि युवती की पहचान होम साइंस कालेज में सेकंड ईयर में पढ़ने वाली के रुप में हुई है। वह हॉस्टल में रहकर पढ़ रही है। युवक-युवती को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।

Wednesday, September 2, 2009

अनाथालय की छह वर्षीय बालिका द्वारा रात में बिस्तर गीला: अधिकारियों ने गरम लोहे की छड़ से दागा

तिरूवनन्तपुरम में छह वर्षीय बालिका द्वारा रात में बिस्तर गीला कर देने पर अनाथालय के अधिकारियों ने बालिका को गरम लोहे की छड से दाग दिया। बालिका के रिश्तेदार की शिकायत पर पुलिस ने अनाथालय के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना का पता उस समय चला जब ओणम पर्व के लिए हुई छुटिटयों में बालिका के रिश्तेदार उसे घर लाए। रिश्तेदारों ने जब उसकी छाती और बांह पर जले के निशान देखे तो उससे पूछताछ की। जवाब में बालिका ने कहा कि बिस्तर गीला कर देने पर अनाथालय के अधिकारियों ने उसे यह सजा दी है। हालांकि अनाथालय अधिकारियों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि गरम चाय गिरने से वह जली है।