तिरूवनन्तपुरम में छह वर्षीय बालिका द्वारा रात में बिस्तर गीला कर देने पर अनाथालय के अधिकारियों ने बालिका को गरम लोहे की छड से दाग दिया। बालिका के रिश्तेदार की शिकायत पर पुलिस ने अनाथालय के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना का पता उस समय चला जब ओणम पर्व के लिए हुई छुटिटयों में बालिका के रिश्तेदार उसे घर लाए। रिश्तेदारों ने जब उसकी छाती और बांह पर जले के निशान देखे तो उससे पूछताछ की। जवाब में बालिका ने कहा कि बिस्तर गीला कर देने पर अनाथालय के अधिकारियों ने उसे यह सजा दी है। हालांकि अनाथालय अधिकारियों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि गरम चाय गिरने से वह जली है।
भारत की तलाश
Wednesday, September 2, 2009
Tuesday, May 6, 2008
सरकार के फैसले को लागू करवाने को अर्जी दी, समय से पहले तबादला मिला
अभी अभी तो ख़बर आयी थी अनाथालय की जमीन पर अस्सी अरब में बन रहे आशियाने की। अब खबर आयी है कि इस आशियाने के मालिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी, के कब्जे वाली इस जमीन की बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष याचिका दाखिल करने वाले महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के सीईओ एआर शेख का तबादला ग्रामीण विकास विभाग में कर दिया गया है।
दैनिक भास्कर में समाचार है कि सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका की सुनवाई के एक दिन बाद ही शेख का तबादला कर दिया गया। शेख ने फोन पर कहा कि 3 मई को उन्हें स्थानांतरण आदेश मिले हैं और वे जल्द ही वे अपने अभिभावक विभाग में हाजिरी देंगे। हालांकि उन्होंने इन खबरों पर प्रतिक्रिया नहीं दी जिनमें कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की वजह से उनका तबादला किया गया है।
मामला यह है कि अंबानी की कंपनी एंटीलिया कमर्शियल प्राइवेट लि. ने अल्टामाउंट रोड पर 4532 वर्गमीटर का यह प्लॉट छह साल पहले एक अनाथालय से सार्वजनिक नीलामी के दौरान 21 करोड़ रुपए से ज्यादा में खरीदा था। इस सौदे को अवैध करार देते हुए सरकार ने पिछले साल जुलाई में बोर्ड से प्लॉट का कब्जा लेने को कहा था।
इसके बाद शेख ने एंटीलिया को वक्फ एक्ट के सेक्शन 52 के तहत नोटिस जारी कर वक्फ संपत्ति बोर्ड को सौंपने को कहा था। शेख ने इस प्लॉट को एंटीलिया के नाम किए जाने का भी विरोध किया था। अब शेख से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उनका तबादला इसलिए किया गया है क्योंकि उन्होंने गड़बड़ियों पर ऐतराज जताया और एंटीलिया को राहत देने वाले बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली।
राजस्व और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हाई कोर्ट में एक याचिका है जिसमें शेख को बतौर बोर्ड का सीईओ नियुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है। इस याचिका का परीक्षण किए जाने के बाद शेख के तबादले का निर्णय लिया गया है। अंबानी प्लॉट डील से शेख के तबादले का कोई संबंध नहीं है।
शेख ने सीईओ की भूमिका में बोर्ड में डेप्यूटेशन पर 3 नवंबर 2006 को पदभार संभाला था। इससे पहले वे विदर्भ में वाशिम में ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत थे। सामान्य रूप से डेप्यूटेशन तीन साल के लिए होता है लेकिन शेख के मामले में डेढ़ साल में ही तबादला किया गया है।
Sunday, May 4, 2008
अस्सी अरब में बन रहा है आशियाना, अनाथालय की जमीन पर
दुनिया के गिने चुने सबसे अमीरों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी अपने परिवार के लिए लगभग 80 अरब रूपए की लागत से एक शीशमहल बनवा रहे हैं। इसमें वह अपनी पत्नी नीता अंबानी और तीन बच्चों के साथ रहेंगे। उनका अन्टिला नामक यह शीशमहल मुम्बई में मलाबार हिल के अल्टामाउंट रोड पर निर्माणाधीन है जिसके अगामी जनवरी तक पूरी हो जाने की संभावना है। चार लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैले इस 27 माले की आलीशान बिल्डिंग की ऊंचाई 550 फीट है।
अंबानी का यह शीशमहल दुनिया के महंगे और आलीशान बिल्डिंगों में गिना जाएगा। अन्टिला की डिजाइन अंतरराष्ट्रीय स्तर के आर्किटेक्ट ने वास्तु को ध्यान में रखकर की है। इसकी खासियत यह है कि इसके सबसे ऊपरी मंजिल पर हैलीपैड होगा। इसमें लीविंग क्वाट्र्स हैं और लॉबी में आने के लिए नौ एलिवेटरों की सुविधा है। 43 अरब डॉलर के मालिक अंबानी के अन्टिला की हर मंजिल अलग है। किसी भी माले को एक तरह से नहीं बनाया जा रहा है। इसमें एक हॉल ऐसा है जिसके छत का 80 फीसदी हिस्सा हीरे-जवाहरात से बने झूमर से सजा होगा। दो माले की सीढ़ियों को चांदी से बनाए जा रहे हैं।
ऊपरी मंजिल को मनोरंजन के लिए रखा गया है जहां अंबानी कभी-कभी अपने मेहमानों के साथ व्यवसायिक चर्चा करेंगे। यहां से अंबानी अरेबियन सागर का भी आनंद लेंगे। चौथे तल पर खुला बगीचा होगा। इसके छठवें तल को पार्किंग के लिए सुरक्षित रखा गया है। कहा जाता है कि नीता अंबानी की इच्छा के मुताबिक नवीं मंजिल की डिजाइन की गई है और लकड़ी, मेटल और क्रिस्टल लगाए गए हैं। वैसे यह अन्टिला बिल्डिंग, वक्फ बोर्ड की विवादास्पद अनाथालय की बेची गई जमीन पर खड़ी हो रही है। यह मामला बांबे हाई कोर्ट में विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर दखल देने से इनकार कर दिया है।
दुनिया की इस सबसे महंगी बिल्डिंग के बारे में विस्तृत जानकारी आप यहाँ पा सकते हैं।