निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने की बहस के बीच छत्तीसगढ़ के तीन नगर पंचायतों के अध्यक्षों को वापस बुलाकर मतदाताओं ने इतिहास रच दिया था। अब फिर उसी छ्त्तीसगढ़ में फिर इतिहास दोहराया गया। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कुसवी पंचायत के मतदाताओं ने 'वोट टू रिकॉल' का इस्तेमाल करते हुए अपने चुने हुए पंचायत अध्यक्ष को वापसी का रास्ता दिखा दिया है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कुसवी पंचायत की जनता ने अपने चुने हुए पंचायत अध्यक्ष से नाखुश होकर उन्हें बेदखल करने के लिए मतदान में भाग लेते हुए बड़े पैमाने पर अपने मतों का प्रयोग किया। मतदान के परिणामों की जब गिनती पुरी हुई तो पंचायत अध्यक्ष को वापस जाने का मतदाताओं ने अपना आदेश वोट के माध्यम से भेज दिया था । कुछ समय पहले मतदाताओं ने जिस पंचायत अध्यक्ष को चुनकर भेजा था उसे ही 'वोट टू रिकाल' के तहत हुए मतदान में हराकर एक बड़ा संदेश दिया है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कुसवी पंचायत में, वहाँ की जनता ने जो फैसला दिया है उसकी धमक, निश्चित तौर पर, पूरे देश में सुनाई देगी।
भारत की तलाश
Saturday, August 30, 2008
जनता ने इतिहास दोहराया, जनप्रतिनिधियों को कुर्सी से उतार कर
Tuesday, August 26, 2008
पति के लिए, अपनी पत्नी को, कुछ परिस्थितियों में पीटना तर्कसंगत
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (National Family Health Survey-3) की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में आधी से अधिक महिलाएं 18 वर्ष आयु से पहले ही अपना कौमार्य खो देती हैं, जबकि पुरूष अपना पहला शारीरिक संबंध 24 वर्ष से पहले बनाते हैं। सर्वे के मुताबिक महाराष्ट्र में समय से पहले शादी की परंपरा की वजह से 15 से 24 वर्ष के आयु वर्ग में शारीरिक संबंध बनाने वालों में महिलाओं की संख्या पुरूषों की तुलना में अधिक है। हाल में जारी इस रिपोर्ट में शहरी और ग्रामीण महाराष्ट्र की जनसंख्या, स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जानकारी दी गई है।
लगभग 39 प्रतिशत महिलाओं की शादी कानून द्वारा निर्धारित 18 वर्ष से कम उम्र में हो जाती है जिसके चलते वे किशोरावस्था में गर्भवती होने के लिए मजबूर होती है। राज्य में किशोरावस्था में 14 प्रतिशत महिलाएं गर्भधारण करती हैं। यह रिपोर्ट 9,034 महिलाओं और 8, 867 पुरूषों के साथ बातचीत पर आधारित है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को शहरी क्षेत्र के महिलाओं की तुलना में दोगुना बच्चों को जन्म देना पड़ता है। रिपोर्ट में गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल के बारे में बताया गया है कि राज्य में विभिन्न गर्भनिरोधक उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। हालांकि कई महिलाओं को अभी तक यह भी जानकारी नहीं है कि कंडोम से एचआईवी या एड्स से बचा जा सकता है। देश में गर्भनिरोधक उपाय अपनाने वाले राज्यों में महाराष्ट्र का पांचवा स्थान है।
महाराष्ट्र में केवल 47 प्रतिशत महिलाओं के पास यह जानकारी है कि कंडोम के लगातार इस्तेमाल से एड्स से बचा जा सकता है और 30 प्रतिशत महिलाओं के पास इसकी व्यापक जानकारी है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की आधी से अधिक महिलाएं अनीमिया से ग्रसित हैं, जबकि 17 प्रतिशत पुरूष अनीमिया से ग्रसित हैं। छह महीने से पांच वर्ष तक की आयु वाले बच्चे भी अनीमिया से ग्रसित हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में हर तीन विवाहित महिला में से एक ने परिवार के सदस्यों से शारीरिक या यौन हिंसा का सामना किया है। 51 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि पति के लिए अपनी पत्नी को कुछ परिस्थितियों में पीटना तर्कसंगत होता है। लगभग 30 प्रतिशत महिलाओं को अपने पति से थप्पड़ खाना पड़ता है। आठ से 12 प्रतिशत महिलाओं के बांह मरोड़े गए है। उनके बाल खींचे गए, धक्का मारा गया, पैर से पीटा, घसीटा गया और उन पर कुछ फेंका गया है। रिपोर्ट के मुताबिक केवल एक प्रतिशत महिलाओं ने अपनी पति का विरोध किया।
उपरोक्त रिपोर्ट डाउनलोड की जा सकती है (pdf फॉरमेट में, लगभग 9.7 MB)
अंग्रेजी में यह समाचार यहाँ देखें
Monday, August 25, 2008
12 वीं कक्षा का एक छात्र, पूरे देश में सबसे अधिक पैसे वाला बैंक ग्राहक
12 वीं कक्षा के एक छात्र का सिर तब चकरा गया जब अपने बैंक खाते में सौ रूपये जमा कराने पहुंचा। जब उसने अपने खाते में जमा राशि के बारे में जानना चाहा तो पता चला कि उसके खाते में 98 अरब से अधिक रूपए जमा है। यह देखकर न केवल छात्र का सिर चकरा बल्कि बैंक कर्मचारी भी भौंचक्के रह गये। राष्ट्रीय सहारा में आयी ख़बर के मुताबिक, उत्तरप्रदेश में, हापुड़ के दीवान इंटर कालेज में, 12 वीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र पुष्कर अग्रवाल शनिवार को शंकरगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक में अपने खाते में सौ रूपये जमा करने पहुंचा था।
रूपये जमा कराने के बाद जब उसने अपने खाता संख्या 30275724487 में जमा धनराशि के बारे में पता किया तो पता चला कि उसके खाते में 98 अरब 97 करोड़ 60 लाख 24 हजार 253 रूपये जमा हैं। यह सुनकर जहां पुष्कर का सिर घूम गया वहीं बैंक कर्मी भी भौचक्के रह गये। उन्होंने तुरंत इस बात की सूचना शाखा प्रबंधक को दी। शाखा प्रबंधक का कहना है कि किसी तकनीकी त्रुटि के कारण यह राशि पुष्कर अग्रवाल के खाते में अंकित हो गयी है जिसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद जिस कर्मचारी की त्रुटि होगी उसके विरूद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। उधर खातेदार छात्र का कहना है कि उसके खाते में दो हजार रूपये होने चाहिए। मानवीय भूल अथवा तकनीकी त्रुटि के कारण ही उसके खाते में 98 अरब 97 करोड़ 60 लाख 24 हजार 263 रूपये जमा हो गए हैं। जिस कारण भी हो बैंक में दर्ज आंकड़ों के आधार पर अभी तक हापुड़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में सबसे अधिक पैसे वाला यह बैंक ग्राहक पुष्कर ही है।
खुद ही बन गया किसी की पत्नी, जब पत्नी ने छोड़ा तो!
बिहार के समस्तीपुर जिले में, सोनपुर गांव के निवासी शरीफ, पत्नी की बेवफाई से इस कदर आहत हुआ कि उसने अपना लिंग ही बदल लिया। यही नहीं वह एक पुरुष से शादी करके उसकी जीवनसंगिनी बन गया। लिंग बदलने की बात उस वक्त सामने आई, जब शुक्रवार को एक औरत के लिबास में वह न्यायालय पहुंचा। न्यायालय के एक अधिकारी ने कहा कि शरीफ ने ऑपरेशन के जरिए अपना लिंग बदलवाने और फिर शादी करने की सूचना दी है। शरीफ ने न्यायालय में कहा कि अपनी पत्नी द्वारा तलाक दिए जाने के बाद वह बहुत आहत था और इसी के बाद ही उसने लिंग बदलने का फैसला किया।
उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक थियेटर कंपनी के साथ काम करने वाले शरीफ का विवाह अशरफुल खातून से साल 2000 में हुआ था। इसके दो साल बाद ही अशरफुल ने उस पर प्रताड़ना का मामला दर्ज करवा दिया और फिर शरीफ को जेल हो गई। 2005 में पत्नी के साथ समझौते के बाद शरीफ को जमानत मिली। जेल से बाहर आने के बाद शरीफ को उसकी पत्नी तलाक दे दिया।
साइबर अपराध के इतिहास का सबसे दुस्साहसिक कदम, भारतीय के नाम
ब्रिटिश इतिहास में अब तक के सबसे बड़े साइबर अपराधों में से एक में भारतीय का हाथ होने का खुलासा हुआ है। यूं तो इंडियन आईटी प्रोफेशनल्स का लोहा पूरी दुनिया मानती है, लेकिन जरूरी नहीं कि प्रतिभा का इस्तेमाल हर बार सही काम के लिए ही हो। एक भारतीय हैकर पर लगभग 80 लाख लोगों की पहचान व उनका विस्तृत विवरण चुरा कर रूस के माफिया को बेचने का आरोप लगाया गया है। इससे करीब तीन अरब पाउंड यानी 2 खरब 43 अरब रुपये का नुकसान हुआ। साइबर क्राइम के इतिहास में इतने बड़े अपराध का कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता। इसे साइबर अपराध के इतिहास का सबसे दुस्साहसिक कदम बताया जा रहा है।
स्काटलैंड के संडे हेराल्ड के मुताबिक बृहस्पतिवार, 21 अगस्त की देर रात भारतीय मूल के एक हैकर ने बेस्ट वेस्टर्न होटल ग्रुप की आन लाइन बुकिंग प्रणाली की सुरक्षा कवच को भेद दिया। यही नहीं उसने इसकी संचालन प्रणाली का विस्तृत विवरण भी गुप्त नेटवर्क के माध्यम से रूसी माफिया को बेच दिया। इस हैकर को इससे पहले कोई नहीं जानता था। रिपोर्ट में उसके नाम का खुलासा नहीं किया गया है और न ही यह बताया गया है कि उसकी भारतीय पहचान कैसे स्थापित की गई।
इस साइबर हमले में 1,312 कांटिनेंटल होटलों के सभी ग्राहकों का व्यक्तिगत ब्यौरा चोरी कर लिया गया। ये सभी लोग 2007 से अब तक इन होटलों में ठहरे थे। चोरी हुई सूचनाओं में घर का पता, टेलीफोन नंबर, क्रेडिट कार्ड का विवरण और इनके पेशे का ब्यौरा शामिल है। कंप्यूटर सुरक्षा फर्म प्रीवक्स में काम कर रहे पूर्व हैकर और सुरक्षा विशेषज्ञ जैक्विस इरेस्मस ने बताया कि हैकर ने बहुत बड़ा हाथ मारा है। इरेस्मस ने कहा कि इन सूचनाएं का रूसी गिरोह ने दुरुपयोग भी शुरू कर दिया है। इनकी मदद से वे यूरोप में अपराधों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि कर सकते हैं।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर यहाँ पढी जा सकती है।
Wednesday, August 20, 2008
खेल मंत्री ने पूछा, कौन हैं आप?
यह कहा जा सकता है कि भारत में क्रिकेटरों के अलावा दूसरे खिलाड़ियों की कोई पहचान नहीं है, यहां तक की बैडमिंटन की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक ऑल इंग्लैंड ओपन जीत चुके पुलेला गोपीचंद की भी नहीं। बीजिंग ओलंपिक में हिस्सा लेने के बाद लौटी बैडमिंटन टीम के कोच गोपीचंद जब मंगलवार को टीम की महिला सदस्य सायना नेहवाल के साथ जब खेल मंत्री एमएस गिल से मिलने पहुंचे तो खेल मंत्री गोपीचंद को पहचान नहीं सके, हालांकि वे सायना को अच्छी तरह पहचान गए।
गिल ने सायना का तो दिल खोलकर स्वागत किया, लेकिन उन्होंने गोपीचंद की ओर देखते हुए पूछा कि आप कौन हैं? गिल के इस सवाल से वहां मौजूद तमाम लोग हैरान रह गए। गोपीचंद ने हालांकि गिल के इस सवाल को गंभीरता से नहीं लिया और अपना परिचय राष्ट्रीय कोच के रूप में कराया। मीडियाकर्मियों ने जब गोपीचंद से इस घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘कोई बात नहीं, मुझे बुरा नहीं लगा।’’ खेल मंत्री ने सायना को मंगलवार को अपने दफ्तर बुलाया था। टीम का कोच होने के नाते गोपीचंद भी खेल मंत्री से मिलने पहुंचे थे।
Sunday, August 17, 2008
तिरंगे को झाड़ू में बांधकर लहराया
'झंडा ऊंचा रहे हमारा' कहते हुए हजारों भारतीय शहीद हो गए हैं। लेकिन कुछ भारतीय ऐसे भी हैं, जिनकी नजर में तिरंगे की कोई कद्र ही नहीं है। केरल के एक सहकारी बैंक में काम करने वाले कुछ कर्मचारी-अधिकारी भी इसी श्रेणी में आते हैं। इन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झाड़ू में तिरंगा बांध कर लहराया। हालांकि इन्हें तत्काल इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा और नौकरी से निलंबित होना पड़ा है। मीडिया में आयी यह घटना केरल के अलाप्पुझा जिला सहकारी बैंक की है। राज्य के सहकारिता मंत्री जी सुधाकरन ने बैंक के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। उन्होंने प्रबंधक और घटना के लिए जिम्मेदार बैंक के चपरासी को गिरफ्तार करने के भी आदेश दिए हैं। साथ ही, कार्रवाई में देरी के लिए पुलिस की विशेष शाखा को भी दंडित किए जाने की बात कही है।
बैंक के चपरासी ने झाड़ू में लगी लाठी की एक छोर पर तिरंगा बांधकर लाठी बैंक के सामने खड़ी कर दी थी। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने बैंक अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। पता चलने पर क्षेत्र के विधायक और राज्य के सहकारिता मंत्री सुधाकरन ने शाम को बैंक का दौरा किया। उन्होंने प्रशासन को बैंक मैनेजर व संबंधित चपरासी को तत्काल निलंबित करने के लिए कहा। सुधाकरन ने कहा कि यह सीधे तौर पर तिरंगे के अपमान का मामला है, इसलिए इसके जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।