निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने की बहस के बीच छत्तीसगढ़ के तीन नगर पंचायतों के अध्यक्षों को वापस बुलाकर मतदाताओं ने इतिहास रच दिया था। अब फिर उसी छ्त्तीसगढ़ में फिर इतिहास दोहराया गया। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कुसवी पंचायत के मतदाताओं ने 'वोट टू रिकॉल' का इस्तेमाल करते हुए अपने चुने हुए पंचायत अध्यक्ष को वापसी का रास्ता दिखा दिया है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कुसवी पंचायत की जनता ने अपने चुने हुए पंचायत अध्यक्ष से नाखुश होकर उन्हें बेदखल करने के लिए मतदान में भाग लेते हुए बड़े पैमाने पर अपने मतों का प्रयोग किया। मतदान के परिणामों की जब गिनती पुरी हुई तो पंचायत अध्यक्ष को वापस जाने का मतदाताओं ने अपना आदेश वोट के माध्यम से भेज दिया था । कुछ समय पहले मतदाताओं ने जिस पंचायत अध्यक्ष को चुनकर भेजा था उसे ही 'वोट टू रिकाल' के तहत हुए मतदान में हराकर एक बड़ा संदेश दिया है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कुसवी पंचायत में, वहाँ की जनता ने जो फैसला दिया है उसकी धमक, निश्चित तौर पर, पूरे देश में सुनाई देगी।
भारत की तलाश
Showing posts with label पंचायत. Show all posts
Showing posts with label पंचायत. Show all posts
Saturday, August 30, 2008
जनता ने इतिहास दोहराया, जनप्रतिनिधियों को कुर्सी से उतार कर
Labels:
जनप्रतिनिधि,
पंचायत,
फैसला वापसी,
मतदाता
Tuesday, August 5, 2008
शादी करने पर सिर कलम किया
प्रेस ट्रस्ट द्वारा जारी एक ख़बर में बताया गया है कि एक हिंदू लड़के का सिर इसलिए कलम कर दिया गया कि उसने मुस्लिम लड़की से शादी की थी। घटना पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की है। गांव की पंचायत (कंगारू कोर्ट) ने हालांकि उसे 'फांसी' की सजा सुनाई थी। इस सिलसिले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, लखनपुर गांव की मुनेरा बीवी जब मुंबई में काम कर रही थी तो उसी दौरान बिहार निवासी शैलेंद्र प्रसाद से उसे प्यार हो गया। ढाई साल पहले दोनों ने शादी कर ली। उनके 10 महीने का एक बच्चा भी है। सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था, लेकिन जब वे एक जुलाई को लखनपुर आए तो लड़की के मां-बाप को शैलेंद्र पर शक हुआ। जब यह पता चला कि वह हिंदू है तो पंचायत ने उसे फांसी की सजा सुनाई। लेकिन, सिर कलम किया हुआ शैलेंद्र का शव 17 जुलाई को खेत में पड़ा मिला।
Subscribe to:
Posts (Atom)