भारत की तलाश

 

Thursday, September 25, 2008

आईये, आईये, सुंदर युवतियाँ व महिलायें किराए पर भी उपलब्ध

डिजाइनर कपड़े और गहने किराए पर मिलना आम बात है, लेकिन अब सुंदर महिला साथी भी किराए पर उपलब्ध है। वो भी 10 से 15 हजार रुपए प्रति शाम के हिसाब से। ये पूरा कारोबार फिलहाल गरबा से जुड़ा है। नवरात्रि शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में मनपंसद गरबा मंडल में जाने के लिए युवकों को निराश नहीं होना पड़ेगा। 

अमीर लेकिन अकेले युवकों की महिला साथी की तलाश पूरी करती हैं, 20 से 26 साल की युवतियां। दैनिक भास्कर में निजा शाह की रिपोर्ट है कि, स्वयं को ‘फीमेल एस्कार्ट’ कहलाना पसंद करने वाली ये युवतियां सूरत, पुणे और मुंबई से आती हैं। इनमें कुछ विदेशी खासकर रूसी युवतियां भी यहां सुंदर महिला साथी की चाहत वाले युवकों के साथ गरबा करने के लिए उपलब्ध रहती हैं। 

गरबा के दौरान सुंदर महिला साथी की चाहत रखने वालों को उसके नाज-नखरे भी उठाने पड़ते हैं। मसलन, उन्हें इन युवतियों के आने-जाने, रहने, मोबाइल, गहने, परफ्यूम आदि का खर्च वहन करना पड़ता है। इसके अलावा, उन्हें कुछ बख्शीश भी देनी पड़ सकती है।

Monday, September 22, 2008

पंक्चर बनाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही

बीस वर्ष तक गृहिणी का जीवन जीने वाली झारखंड निवासी मगदाली ने ऐसा व्यवसाय अपनाया है जिस पर पुरुषों का एकाधिकार माना जाता है। वह साइकिल के पंक्चर बनाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही हैं। रांची में रहने वाली मगदाली का जीवन आज से पांच वर्ष पहले तक किसी आम घरेलू औरत की तरह अपने परिवार तक सिमटा हुआ था। उसी समय पंक्चर की दुकान चलाने वाले उनके पति की मौत हो गई। तीन बच्चों के साथ जिंदगी से जूझ रही मगदाली ने अपने पति के व्यवसाय को अपनाने का फैसला किया।

मगदाली ने आईएएनएस को बताया, ''पति की मौत के बाद मेरे परिवार के भूखों मरने की नौबत आ गई थी। तभी मैंने अपने पति की तरह पंक्चर बनाने का निर्णय लिया। सारा समान तो पहले से ही घर में था, बस मैंने काम सीखना शुरू कर दिया। अब मैं आराम से काम कर लेती हूं।'' मगदाली ने बताया कि शुरू में लोग मेरी ओर घूर कर देखते थे। उन्हें आश्चर्य होता था कि एक महिला पंक्चर बनाने का काम करती है। उनके पास दिन में 10 से 15 ग्राहक आते हैं और वह 50 से 150 रुपये प्रतिदिन कमा लेती है। मगदाली ने बताया कि उन्होंने अपनी बचत से दो वर्ष पूर्व अपनी बेटी की शादी भी की।

मगदाली को एक ही दुख है कि कमाई कम होने की वजह से वह अपने दोनों बेटों को पढ़ा नहीं पाई। अब उनकी इच्छा है कि वह बैंक से कर्ज लेकर अपने काम को साइकिल से मोटरसाइकिल और कार तक विस्तार दे।

Wednesday, September 17, 2008

बैग बना 'बम'! पति पत्नी की लड़ाई में!!

नोएडा के अट्टा गांव में रविवार देर रात एक वाकया हुआ। अट्टा गांव के चक्की वाली गली में किराए पर रहने वाले नवविवाहित जोड़े के बीच रात करीब साढ़े 11 बजे मामूली बात को लेकर आपस में कहासुनी हो गई। यह कहासुनी इस कदर बढ़ी कि बेचारे पति को घर से बाहर निकलने की नौबत आ गई। रूठे पति तुरंत अपना बैग लेकर घर से बाहर निकल आए। उनकी बीवी भी कम नहीं थीं, पति के घर से बाहर निकलने के बाद भी वह ताने मारने से बाज नहीं आईं। फिर क्या था पति ने गुस्से में बैग को गली में ही छोड़ दिया और तेजी से आंखों से ओझल हो गए। पत्नी भी घर में दुबक गई। इसके बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने लावारिस बैग को ही बम समझ लिया और फिर कुछ देर में कोहराम मच गया।

बैग में बम होने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और पुलिस चौकी में इसकी सूचना दी। नवभारत टाइम्स में सुनील मौर्य की रिपोर्ट है कि आनन फानन में पुलिस की तीन जिप्सियां मौके पर पहुंचीं। लावारिस बैग देखकर पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूटने लगे। करीब आधे घंटे तक पुलिस और पब्लिक लावारिस बैग को लेकर असमंजस की स्थिति में रही। पुलिस ने गाजियाबाद स्थित बम निरोधक दस्ते को भी सूचना दे दी। लोगों में दहशत देख दस्ते को गाजियाबाद से नोएडा तक आने का इंतजार नहीं किया जा सकता था। आखिरकार कोतवाली सेक्टर-20 में तैनात एक पुलिसकर्मी ने हिम्मत दिखाई और बैग की जांच की। बैग का जब राज खुला तो पुलिस व जनता हैरान रह गई और राहत की सांस ली।

मगर पुलिस अधिकारी देर रात गली में लावारिस बैग को छोड़े जाने को लेकर परेशान थे। बैग में कपड़ों की जांच और आसपास के लोगों से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि यह बैग मूल रूप से उत्तरांचल के रहने वाले मुकेश (बदला हुआ नाम) का है। पुलिस ने जब मुकेश की पत्नी से पूछताछ की तो उसने पति से हुई झड़प की कहानी सुनाई। उसने बताया कि लोगों ने जब बैग को ही बम समझ लिया और अफरातफरी मच गई तो मैं यह सोचकर डर गई कि पुलिस मुझे गिरफ्तार कर लेगी। यही सोचकर कमरे में दुबक गई थी। इससे पूछताछ करने के बाद पुलिस ने मुकेश को भी ढूंढ निकाला और भविष्य में इस तरीके से आपस में नहीं झगड़ने की सलाह देकर छोड़ दिया।

राज्य मंत्री का भाई चोरी करते पकड़ा गया

उत्तर प्रदेश में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त मदन लाल बिन्द के सगे भाई शिवशंकर बिन्द को मंगलवार की सुबह कोतवाली क्षेत्र में लोगों ने चोरी करते वक्त पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने बताया कि शिवशंकर अपने 2 शातिर चोर साथियों के साथ एक दुकान का ताला तोड़कर समान मारुति कार में भर रहा थे, तभी लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। शिवशंकर के 2 अन्य साथी भाग निकले।

Tuesday, September 16, 2008

मायके से एक लाख लायो या ब्लू फिल्म में काम करो

दहेज के लोभ में विवाहिता के साथ मारपीट और उसे जान से मारने के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। लेकिन मोदीनगर में एक पति ने तो दहेज न देने पर पत्नी को ब्लू फिल्म में काम करने का ही फरमान जारी कर दिया। उसका कहना था कि चूंकि इस प्रकार की फिल्म में काम करने वाली अभिनेत्री रुपये मांगेगी इसलिए उसकी पत्नी इसमें काम करे। यदि ऐसा नहीं कर सकती तो मायके से एक लाख रुपये लाए जिससे अभिनेत्री को भुगतान किया जा सके!

नवभारत टाइम्स के अनुसार मोदीनगर में रहने वाले राजकुमार (परिवर्तित नाम) ने अपनी बेटी अरुणा (परिवर्तित नाम) का विवाह मेरठ में रहने वाले बिजेंद्र नाम के व्यक्ति से एक वर्ष पूर्व ही किया था। बिजेंद्र मेरठ में प्रिटिंग प्रेस चलाने के साथ-साथ विज्ञापन फिल्म बनाने का भी व्यवसाय करता था। विवाह के एक महीने बाद ही बिजेंद्र ने उसकी बेटी पर मायके से एक लाख रुपये लाने के लिए भेजा। बेटी की खुशी के लिए उन्होंने एक लाख रुपये भी दे दिए। वरिष्ठ संवाददाता की रिपोर्ट है कि लाख रुपये देने के बाद कुछ दिन बाद बिजेंद्र ने अरुणा से फिर से एक लाख रुपये की मांग यह कह कर की थी कि उसका व्यवसाय ठीक नहीं चल रहा।

इस पर अरूणा ने कहा कि उसके पिता की आर्थिक हालत ठीक नहीं है और वह एक लाख रुपये नहीं दे सकते हैं। बिजेंद्र ने अरुणा से कहा कि उसे एक फिल्म बनानी है, जिसमें काम करने के एवज में अभिनेत्री एक लाख रुपये मांग रही है। उसने अरुणा से कहा कि यदि वह फिल्म में काम करने के लिए राजी हो जाए तो ये रुपये बच सकते हैं। पति के ऐसा कहने पर अरुणा ने सोचा कोई विज्ञापन फिल्म होगी और उसने हामी भर दी। जब उसके पति ने फिल्म के बारे में बताया तो वह ब्लू फिल्म थी। जब अरुणा ने फिल्म में काम करने से इनकार किया तो बिजेंद्र ने उसकी पिटाई की और घर से निकाल दिया।

Saturday, September 13, 2008

एक दिन में, मंत्री ने किए 11 सौ शिलान्यास

मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, नेताओं और मंत्रियों में जनता को सौगातें देने की होड़ सी मच गई है। होड़ भी ऐसी कि नेता लोग एक दिन में 11 सौ से अधिक विकास कार्यो का शिलान्यास व भूमिपूजन कर रहे है। ऐसा ही एक कारनामा कर दिखाया है प्रदेश के कृषि एवं सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव ने।

जागरण की एक ख़बर के अनुसार, रहली विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि भार्गव ने बृहस्पतिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में एक साथ 11 सौ विकास व निर्माण कार्यो की नींव रख डाली। भार्गव ने कहा कि हिंदी पंचाग के मुताबिक कल ग्यारस की तिथि थी और सितंबर की 11 तारीख भी। यह संयोग के साथ-साथ शुभ दिन भी था। इसीलिए वे क्षेत्र की जनता को 11 सौ विकास और निर्माण की सौगात दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वे पिछले साढ़े चार वर्षो में अपने क्षेत्र में आठ हजार निर्माण और विकास कार्यो की आधारशिला पहले ही रख चुके हैं। इस तरह अगर देखा जाए तो एक मंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र में नौ हजार से अधिक विकास कार्यो की आधारशिला रखी है।

Thursday, September 11, 2008

हमारे विकासशील देश में, पहला बीयर गार्डन

गुड़गांव में देश का पहला बीयर गार्डन सितंबर महीनें में खुल जाएगा। इस बीयर गार्डन में ताजा तथा अपाश्च्युरीकृत बीयर परोसी जाएगी। इस बीयर में किसी तरह का रंग अथवा प्रीजर्वेटिव नहीं होगा। इस बीयर में होप्स, यीस्ट, माल्ट तथा पानी का मिश्रण होगा। किसी भी तरह के रसायन से मुक्त होगी बीयर गार्डन की बीयर। हरियाणा एक्साइज पॉलिसी 2008-09 के अनुसार कोई भी बीयर गार्डन बना सकता है। इस गार्डन के लिए लाइसेंस लेने के लिए सालाना फीस निर्धारित है। हरियाणा की तर्ज पर गोवा, पंजाब व महाराष्ट्र भी अपने एक्साइज और टेक्सेशन पॉलिसी में परिवर्तन करने पर विचार कर रहे हैं।

भारत (सॉरी, इंडिया) में यह बीयर गार्डन शुरू करने के लिए रॉकमैन ब्रेवरीज ग्रुप के उपाध्यक्ष राहुल सोनी कहते हैं, इस नई परिपाटी की शुरुआत करने के पीछे यही कारण है कि हमारे तेजी से विकासशील देश में, विदेशों की भी सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। आज के आधुनिक दौर में यह बीयर गार्डन लोगों को तनाव मुक्ति के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
(जागरण में, प्रियंका दुबे मेहता की रिपोर्ट के अंश )
(चित्र, www.last.fm के सौजन्य से)