पंजाब की प्रदूषित काली बीन नदी को साफ करने का अभियान चलाने वाले बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को अमेरिका की टाइम पत्रिका ने "हीरोज ऑफ एन्वायरनमेंट" में जगह दी है। इनका चुनाव दुनिया भर से चुने गए उन 30 लोगों में किया गया है जो पर्यावरण के लिए काम कर रहे हैं। अमेरिकी पत्रिका ने सीचेवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एक आंदोलन छेड़ा जिसमें लोगों को सिखाया गया कि उन्हें क्यों काली बीन नदी की सफाई करनी चाहिए।
सीचेवाल ने टाइम से कहा हमने साबित कर दिया कि अगर हम एक साथ आ जाएं तो अपनी नदियों का पुराना स्वरूप बहाल करना संभव है। उन्होंने कहा यह समय है कि हम इसे बड़े पैमाने पर अंजाम दें। काली बीन होशियारपुर जिले में बहने वाली 160 किलोमीटर लंबी नदी है। छह से ज्यादा नगरों और 40 गांव के लोग इसमें अपना कूड़ा डालते रहे हैं। इससे यह एक गंदे नाले में बदल गई थी। नतीजतन आस-पास के खेतों को पानी नहीं मिल पाता था। सीचेवाल और उनके अनुयाइयों ने इसकी सफाई के लिए अभियान छेड़ा। उन्होंने इसके लिए कोष संग्रह किए।
भारत की तलाश
Wednesday, October 8, 2008
सिख नेता का नाम टाइम की सूची में
Thursday, September 11, 2008
हमारे विकासशील देश में, पहला बीयर गार्डन
गुड़गांव में देश का पहला बीयर गार्डन सितंबर महीनें में खुल जाएगा। इस बीयर गार्डन में ताजा तथा अपाश्च्युरीकृत बीयर परोसी जाएगी। इस बीयर में किसी तरह का रंग अथवा प्रीजर्वेटिव नहीं होगा। इस बीयर में होप्स, यीस्ट, माल्ट तथा पानी का मिश्रण होगा। किसी भी तरह के रसायन से मुक्त होगी बीयर गार्डन की बीयर। हरियाणा एक्साइज पॉलिसी 2008-09 के अनुसार कोई भी बीयर गार्डन बना सकता है। इस गार्डन के लिए लाइसेंस लेने के लिए सालाना फीस निर्धारित है। हरियाणा की तर्ज पर गोवा, पंजाब व महाराष्ट्र भी अपने एक्साइज और टेक्सेशन पॉलिसी में परिवर्तन करने पर विचार कर रहे हैं।
भारत (सॉरी, इंडिया) में यह बीयर गार्डन शुरू करने के लिए रॉकमैन ब्रेवरीज ग्रुप के उपाध्यक्ष राहुल सोनी कहते हैं, इस नई परिपाटी की शुरुआत करने के पीछे यही कारण है कि हमारे तेजी से विकासशील देश में, विदेशों की भी सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। आज के आधुनिक दौर में यह बीयर गार्डन लोगों को तनाव मुक्ति के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
(जागरण में, प्रियंका दुबे मेहता की रिपोर्ट के अंश )
(चित्र, www.last.fm के सौजन्य से)
Wednesday, May 21, 2008
महिला ने बीच बाजार कपड़े उतार कर विरोध प्रदर्शन किया: क्या इसे गांधीगिरी कहेंगे?
बलात्कार की शिकार एक महिला ने पंजाब पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ रिपोर्ट न लिखने के कारण अर्धनग्न होकर विरोध प्रर्दशन किया जिसके कारण पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पीड़ित ने सोमवार, 19 मई को अपने कपड़े उतार दिए और भीड़-भाड वाले फिरोजपुर-लुधियाना राजमार्ग पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर चिल्ला-चिल्लाकर विरोध प्रदर्शन किया। रास्ते पर चलने वाले लोग इस तरह के विरोध को देखकर हतप्रभ रह गए।
पुलिस थाने से केवल सौ मीटर की दूरी पर पीड़िता ने विरोध प्रदर्शन किया। एक राहगीर ने इसकी सूचना थाने में दी। थोड़ी देर में ही पुलिस ने महिला को पुलिस हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के लिए किसी महिला पुलिस को नहीं बुलाया गया था। इस घटना से शर्मसार पुलिस ने घोषणा की कि उसने पीड़ित महिला के बयान को लिख लिया है और उसने दो लोगों के खिलाफ कथित रूप से बलात्कार का मामला दर्ज किया है। जिला पुलिस प्रमुख अशोक भट्ट ने कहा कि महिला के विरोध प्रदर्शन से पहले ही मामला दर्ज कर लिया गया था। हालांकि उन्होंने कहा कि महिला द्वारा शिकायत करने के बाद कुछ देरी जरूर हुई क्योंकि पुलिस उस दौरान मामले की जांच कर रही थी।
इस महिला का आरोप है कि उसकी बेटी के सामने ही उसके दो रिश्तेदारों ने उसके साथ बलात्कार किया। इसकी शिकायत लेकर जब वह पुलिस के पास गई तो उसकी शिकायत दर्ज करने के बजाए उसे भगा दिया गया। इस घटना के बाद वह मोगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में भी गई लेकिन वहां भी उसकी शिकायत नहीं सुनी गई। मजबूर होकर इस महिला ने मोगा की बाजार के बीच में खड़े होकर अपने कपड़े उतारकर और अपना सीना पीट-पीटकर लोगों को अपनी आप बीती सुनानी लगी।