पंजाब की प्रदूषित काली बीन नदी को साफ करने का अभियान चलाने वाले बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को अमेरिका की टाइम पत्रिका ने "हीरोज ऑफ एन्वायरनमेंट" में जगह दी है। इनका चुनाव दुनिया भर से चुने गए उन 30 लोगों में किया गया है जो पर्यावरण के लिए काम कर रहे हैं। अमेरिकी पत्रिका ने सीचेवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एक आंदोलन छेड़ा जिसमें लोगों को सिखाया गया कि उन्हें क्यों काली बीन नदी की सफाई करनी चाहिए।
सीचेवाल ने टाइम से कहा हमने साबित कर दिया कि अगर हम एक साथ आ जाएं तो अपनी नदियों का पुराना स्वरूप बहाल करना संभव है। उन्होंने कहा यह समय है कि हम इसे बड़े पैमाने पर अंजाम दें। काली बीन होशियारपुर जिले में बहने वाली 160 किलोमीटर लंबी नदी है। छह से ज्यादा नगरों और 40 गांव के लोग इसमें अपना कूड़ा डालते रहे हैं। इससे यह एक गंदे नाले में बदल गई थी। नतीजतन आस-पास के खेतों को पानी नहीं मिल पाता था। सीचेवाल और उनके अनुयाइयों ने इसकी सफाई के लिए अभियान छेड़ा। उन्होंने इसके लिए कोष संग्रह किए।
भारत की तलाश
Wednesday, October 8, 2008
सिख नेता का नाम टाइम की सूची में
Saturday, March 29, 2008
बस में ब्लू फिल्म चली, यात्रियों में हड़कम्प
होशियारपुर से फिरोजपुर जा रही निजी कंपनी की बस में २७ मार्च की सुबह आदमपुर के पास ब्लू फिल्म चलने से सवारियां दंग रह गईं। फिल्म करीब 2 मिनट तक चलती रही। सवारियों के शोर मचाने के बाद उसे बंद किया गया। कंडक्टर ने बस में पड़ी सभी सीडीज बाहर फैंक दीं। सवारियों ने कंडक्टर की जमकर धुनाई की। बस चालक ने सवारियों को जालंधर उतार कर जान छुड़ाना ही बेहतर समझा। चौकी बस स्टैंड इंचार्ज जतिंदर सिंह ने कहा कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
बस में कुल 30 सवारियां थी, जिनमें 10 महिलाएं, 6 बच्चे और 14 पुरुष थे। आदमपुर बस अड्डा से करीब साढ़े बारह बजे बस चली तो उसमें पंजाबी फिल्म चल रही थी। सवारियों के कहने पर पंजाबी फिल्म की जगह हिंदी फिल्म लगाई गई थी, लेकिन सवारियों में उस समय हड़कंप मच गया जब हिंदी फिल्म की जगह ब्लू फिल्म चलने लगी। करीब 2 मिनट तक ब्लू फिल्म का प्रसारण होता रहा। महिलाओं ने तो आंखें ही बंद कर लीं। सवारियों के शोर मचाने पर ड्राइवर के पास बैठे कंडक्टर ने फिल्म बंद की और चालक ने ब्लू सीडी बस से बाहर फैंक दी। गुस्साए यात्रियों ने कंडक्टर की बस में ही जमकर धुनाई कर दी।
सूचना मिलते ही रामामंडी चौक में पुलिस की टीमों ने नाका लगा दिया। पुलिस को चौक पर देखते ही बस चालक के होश गुम हो गए और वह गांव की तरफ से बस भगा ले गया। जालंधर बस अड्डे पर ड्राइवर ने बस की ब्रेक खराब होने का बहाना लगाकर सवारियां उतार दीं और बस लेकर फरार हो गया।