अब सड़क या खेतों में बिना ड्राइवर के ट्रैक्टर दौड़ता हुआ दिखाई दे तो चौंकियेगा नहीं, तकनीकी के इस दौर में यह संभव कर दिखाया है मोगा, पंजाब के लाला लाजपत राय पॉलीटेक्निक कॉलेज अजितवाल के दो छात्रों ने। उन्होंने एक ऐसा उपकरण तैयार किया है जो मोबाइल फोन के माध्यम से ट्रैक्टर को नियंत्रित करता है। मोबाइल फोन से ही ट्रैक्टर को स्टार्ट और बंद किया जा सकेगा और इसे सड़क या खेतों में दौड़ाया जा सकता है। 19 मार्च को कॉलेज परिसर में पवित्र सिंह और गुरदित्त सिंह ने तैयार किए गए उपकरण का प्रदर्शन कर सबको हैरान कर दिया।
दैनिक भास्कर में दीपक सिंगला की दिलचस्प रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रैक्टर को इन दोनों छात्रों ने मोबाइल की थ्री जी सेवा के साथ जोडा़ है। एक मोबाइल उपकरण ट्रैक्टर पर लगाया है जिसके कैमरे से ट्रैक्टर आगे की दिशा निर्धारित कर आगे बढ़ता है। ट्रैक्टर में भी गीयर और रेस, ब्रेक भी अपने आप ही लगते हैं।
मोबाइल फोन के माध्यम से ट्रैक्टर की पल-पल की स्थिति का भी पता लग सकेगा। दूसरे मोबाइल फोन से इस ट्रैक्टर को दुनिया के किसी भी स्थान पर बैठकर चलाया जा सकता है। इस प्रणाली को तैयार करने पर 95000 रुपये का खर्च आया है। दिलचस्प बात यह है कि अगर चलते हुए ट्रैक्टर के आगे कुछ दूरी तक कोई भी वस्तु आ जाती है तो वह वहीं रुक जाएगा। यह सेंसर के माध्यम से संभव हुआ है। सेंसर ट्रैक्टर के अगले हिस्से में फिट किए गए हैं।
इसे तैयार करने में तीन माह का समय लगा है। अभी 3 जी नेटर्वक सभी देश में सभी जगह उपलब्ध न होने के कारण कुछ मुश्किलें आ रही हैं लेकिन आने वाले समय में इसका लाभ कोई भी उठा सकेगा।
भारत की तलाश
Saturday, March 20, 2010
मोबाईल के सहारे, सड़क या खेतों में बिना ड्राइवर के ट्रैक्टर चलेंगे
Saturday, October 25, 2008
मोबाइल कंपनियां कमाई के लालच में खिलवाड़ कर रही
इन दिनों मोबाइल उपभोक्ताओं को रोजाना कॉल ड्राप्स होने की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। इस मामले में मोबाइल कंपनियों का कहना है कि स्पेक्ट्रम कम होने की वजह से ऐसा हो रहा है। वहीं, टेलिकॉम विशेषज्ञों का कहना है कि असल में मोबाइल कंपनियां कमाई के लालच में ग्राहकों को दी जाने वाली सेवा से खिलवाड़ कर रही हैं। ऐसा कहा जाता है कि देशभर में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 31 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है और इस समय करीब 25 फीसदी की दर से नए उपभोक्ता जुड़ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्तायों को सेवा देने के लिए मोबाइल कंपनियों को दूरसंचार मंत्रालय से मिले स्पेक्ट्रम कम पड़ते जा रहे हैं। परिणाम स्वरूप मोबाइल फोन पर सिग्नल कमजोर होने, न होने और सिग्नल पूरे होने के बावजूद कॉल ड्राप्स होने की समस्याएं बढ़ रही हैं।
स्पेक्ट्रम कम होने की बात को जानते हुए भी कमाई के लालच में रोजाना नए उपभोक्ता जोड़ने में लगी हैं। इस बात का पता कंपनियों को भी है कि मंत्रालय की ओर से जनवरी में 3-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पूरी होने वाली है। इसके बावजूद वे ग्राहकों को अच्छी सुविधा मुहैया कराने के लिए थोड़ा इंतजार करने को तैयार नहीं है। इसके अलावा जब से एक कंपनी के मोबाइल टावरों को दूसरी कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए जाने की छूट मिली है तब से भी समस्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इससे कंपनियां उन स्थानों पर नए टावर लगाने पर कम ध्यान दे रही हैं जहां नेटवर्क कमजोर रहते हैं। इस कारण अधिकतर मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क में समस्या होने लगी है।
(विभिन्न माध्यमों से संकलित)
Thursday, September 25, 2008
आईये, आईये, सुंदर युवतियाँ व महिलायें किराए पर भी उपलब्ध
Thursday, May 1, 2008
मां से झगड़ने वाली का बनाया अश्लील प्रोफाइल, आमिर ने
मुंबई क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने एक महिला का अश्लील प्रोफाइल बनाने के आरोप में 31 साल के एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच चीफ राकेश मारिया के अनुसार पकड़ा गया आरोपी आमिर अनवर सैयद उसी बिल्डिंग में रहता था, जिस बिल्डिंग की महिला का उसने अश्लील प्रोफाइल बनाया था। बाद में उसने यह प्रोफाइल ऑर्कुट वेबसाइट पर डाल दिया।
इसमें महिला का मोबाइल नंबर भी दिया गया था। महिला की शिकायत पर जब साइबर सेल ने मामले की जांच की, तो इसमें आमिर पकड़ा गया। बाद में जांच करने पर पता चला कि महिला और आरोपी की मां के बीच सोसायटी के किसी लफड़े को लेकर झगड़ा हुआ था।
