नकली नोट से भारतीय अर्थव्यवस्था को तहस नहस करने की साजिश रचने वालों के दिन शायद खत्म होने पर आ गये हैं। भारत में बनी आटोमेटिक काउटरफीट करेंसी डिटेक्टर मशीन इसी नवंबर में बाज़ार में उतरने जा रही है। चंडीगढ़ के केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (CSIO) के वैज्ञानिकों द्वारा इस मशीन को बनाया गया है। इसमें छह सेंसर लगे हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि छह सेंसर वाली यह पहली मशीन होगी। इससे पहले एक सेंसर वाली मशीनें बाजार में उपलब्ध हैं।
सीएसआईओ के वैज्ञानिक एचके सरदाना के मुताबिक नकली नोट पकड़ने वाली इस मशीन में 3+3 की तर्ज पर छह सेंसर लगे है। नकली नोट को गारंटी के साथ पकड़ने में मशीन कामयाब है। उन्होंने बताया कि करीब पांच साल के अनुसंधान के बाद इस तकनीक को ईजाद किया गया है। इस प्रोजेक्ट में अब तक 50 लाख रुपये खर्च हुए है। मशीन का साइज ए4 है और माडल पोर्टेबल, कीमत 45 से 50 हजार रुपये के बीच है।
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