उत्तर प्रदेश में एक महिला ने अपनी इज्ज़त बचाने के लिए एक दबंग किस्म के कामुक युवक का सिर क़लम कर अपने को पुलिस के हवाले कर दिया। मगर पुलिस ने इस महिला को पीड़ित मानते हुए उसे सम्मानपूर्वक घर भेज दिया क्योंकि पुलिस के अनुसार उसने आत्म रक्षा में पलटवार किया था। घटना नेपाल सीमा से सटे लखीमपुर ज़िले के इसानगर थाने की है। ग्राम हसनपुर कटौली के मजरा मक्कापुरवा में दलित राजकुमार और मनचले किस्म के जुलाहे अन्नू के घर अगल-बगल हैं। अन्नू राजकुमार की पत्नी फूलकुमारी को अक्सर छेड़ता था। मगर कमजोर वर्ग का राजकुमार उसके विरोध का साहस नहीं कर पाता।
फूलकुमारी जानवरों के लिए चारा लाने गयी थी। वह एक गन्ने के खेत में पत्ते तोड़ रही थी। तभी अन्नू वहाँ पहुँच गया और उसके साथ ज़बर्दस्ती करने लगा। बीबीसी से फोन पर बातचीत में फूलकुमारी ने कहा कि वह चारा काटने गई थी और उसने अपनी इज्ज़त और जान बचाने के लिए हमलावर पर वार किया था। महिला का कहना था, ''हमने मार दिया। हम गए थे गन्ने की पत्ती लेने। तभी वह ज़बर्दस्ती लिपट गया। हमने किसी तरह उसका बांका छीन लिया और उसी से उसकी गर्दन उड़ा दी।''
स्थानीय अख़बारों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से लिखा कि फूलकुमारी खून से लथपथ अन्नू का कटा हुआ सिर लिए हसनपुर कटौली पहुँची और वहाँ अपने को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस वाले उसे थाने ले गए और उसने पूरा मामला बयान किया। हालांकि फूलकुमारी ने इस बात से इनकार किया कि वह अन्नू का कटा हुआ सिर लेकर बाज़ार में गई। पुलिस का कहना है कि उसने अन्नू का कटा सिर धान के एक खेत से बरामद किया।
पुलिस ने फूलकुमारी की चिकित्सा जांच कराई और चौबीस घंटों की तहकीकात के बाद उसके घर वालों के हवाले कर दिया। ज़िले के पुलिस कप्तान राम भरोसे ने बीबीसी से बातचीत में कहा, वह तो पीड़ित है और उसने अपने बचाव में ऐसा किया। उसने कोई ज़ुर्म नहीं किया। पुलिस ने फूलकुमारी की रपट के आधार पर मृत युवक के ख़िलाफ़ बलात्कार, हत्या के प्रयास और उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि मृत युवक के परिवार वालों ने अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया है। एक स्थानीय पत्रकार का कहना है कि मृत युवक का चाल चलन अच्छा नहीं था।
(समाचारांश, बीबीसी से साभार)
भारत की तलाश
Saturday, October 18, 2008
महिला ने अपने साथ छेड़खानी करने वाले कामुक युवक का सिर ही काट डाला
Friday, October 17, 2008
मुझे मेरी पत्नी से बचाओ
उत्तराखंड राज्य में पुरोला उत्तरकाशी विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी विधायक राजेश जुवाठां ने पुलिस को पत्र लिखकर उससे अपनी पत्नी से बचाने की गुहार की है। वे विधायक आवास पर पत्नी द्वारा जबर्दस्ती कब्जा कर लेने से कहीं और चले गए हैं। विधायक की पत्नी के खिलाफ स्थानीय नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज रिपोर्ट पर विधायक के बयान का रास्ता देख रही पुलिस, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। जुवाठां ने पुलिस को लिखे पत्र में कहा है कि उन्हें अपनी पत्नी और ससुराल वालों से जान का खतरा है।
उनका आरोप है कि उनकी पत्नी उन्हें गत चार साल से आत्महत्या करने और उनके घरवालों को जेल भेजने की धमकी देकर उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही है। यदि उनकी पत्नी के खिलाफ जल्दी ही कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वह उनके साथ कोई अनहोनी भी कर सकती है।
15 अक्टूबर की शाम को, विधायक की पत्नी अपने बच्चों के साथ, देहरादून के रेस कोर्स स्थित विधायक ट्रांसिट होस्टल में विधायक के आवास का जबर्दस्ती ताला तोड़कर रहने लगी थी। जिसके खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया गया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
Thursday, October 16, 2008
खेतों में काम करने के मामले में पुरुष महिलाओं से पीछे, लेकिन पैसों पर नियंत्रण ज्यादा
दैनिक जागरण के सौजन्य से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एग्रो इकोनोमिक रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए एक अध्ययन पर नज़र पड़ी, जिसके मुताबिक प्रदेश में पशुपालन में महिलाओं का योगदान लगभग 86.2 प्रतिशत, फल उत्पादन में 37.2, सब्जी उत्पादन में 45.2 और अनाज उत्पादन में 51.8 प्रतिशत है। इससे साफ है कि महिलाएं खेतीबाड़ी और पशुपालन के मामले में पुरुषों से ज्यादा काम कर रही हैं। वहीं, बात निर्णय लेने की हो तो स्थिति एकदम उलट हो जाती है। फसलों के मामले में कौन से बीज बीजे जाने चाहिए, इसमें सिर्फ 11.4 प्रतिशत महिलाओं की चलती है। फसलों को कीटों व फफूंद से बचाने के लिए कौन सी दवाइयों का इस्तेमाल किया जाए, इसमें सिर्फ 5.4 प्रतिशत महिलाओं की सलाह ली जाती है। कौन सी रासायनिक खादें इस्तेमाल की जाएं, इस मामले में सिर्फ 3.7 प्रतिशत महिलाएं निर्णय लेती हैं। जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले में सिर्फ 7.1 फीसदी महिलाओं की सलाह ली जाती है। खेती के लिए औजारों और उपकरणों की खरीद में 4.3 प्रतिशत महिलाओं की ही चलती है।
कृषि ऋण के मामलों में लिए जाने वाले 96.6 फीसदी निर्णय पुरुष ही लेते है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कृषि और बागवानी उपज की मार्केटिंग में महिलाओं की हिस्सेदारी मात्र 3.4 प्रतिशत है। जाहिर है कि दूध, कृषि और बागवानी उत्पादों को बेचने से आना वाला पैसा पुरुषों के नियंत्रण में रहता है। पशुपालन में महिलाओं का योगदान 86.2 प्रतिशत है, लेकिन दूध की मार्केटिंग सिर्फ 3.4 फीसदी महिलाएं करती है। अध्ययन से साफ है कि पैसों पर पुरुषों का नियंत्रण ज्यादा है, जबकि खेतों में काम करने के मामले में वह महिलाओं से पीछे है।
विश्वविद्यालय के एईआरसी के अध्ययन के मुताबिक अन्य मामलों में निर्णय लेने की बात करे तो बच्चों की पढ़ाई में 16.2, स्वास्थ्य में 12.5, गृह खर्च में 10.5, बचत में 8.5, ऋण और निवेश में 4.8, शादी और दहेज में 6.8 और गृह निर्माण या मरम्मत में मामलों में सिर्फ 11.6 महिलाएं ही निर्णय लेती हैं। महिला सशक्तिकरण से जुड़ी संस्था राज्य संसाधन केंद्र के निदेशक डा. ओम प्रकाश भूरेटा के मुताबिक नारी सशक्तिकरण तब तक संभव नहीं है, जब तक महिलाओं को धन से संबंधित निर्णय लेने के अधिकार न मिलें। हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में ज्यादातर काम महिलाएं करती हैं, जबकि मार्केटिंग पुरुष करते हैं।
Sunday, October 12, 2008
बॉयफ्रेंड के लिए करवा चौथ का व्रत
वक्त तेजी से बदला है। अब कई गैरशादीशुदा लड़कियां अपने बॉयफ्रेंड के लिए व्रत रखती हैं। वे दिन चले गए जब केवल सुहागिनें ही करवा चौथ का व्रत रखती थीं। अब लड़कियों का कहना है कि जो मन को पसंद हो उसकी लंबी उम्र के लिए व्रत रखा जा सकता है। शादी का बंधन इसमें कहां से आड़े आता है। फरीदाबाद के प्रख्यात पंडित मुनिराज महाराज का कहना है कि शास्त्रों में किसी की भी लंबी उम्र के लिए व्रत करने का विधान है। इसके अलावा करवा चौथ कथा के आधार पर अपने मंगेतर या बॉयफ्रेंड के लिए व्रत रखा जा सकता है।
अब जमाने का रूख बदल रहा है। इसके चलते जहां वैलंटाइन डे को लेकर जवान दिलों में उत्साह रहता है, वहीं अब करवा चौथ के व्रत को लेकर भी युवा वर्ग रोमांचित है। आज की पीढ़ी की सोच बदलने के कारण ही अब लड़कियां अपने बॉयफ्रेंड लिए व्रत रखने लगी हैं। सामाजिक दीवार आड़े न आए, इसके चलते ये जोड़े मोबाइल क्लिपिंग के जरिए अपने साथी का दीदार करेंगे।
दीपशिखा कौशिक नवभारत टाईम्स में लिखतीं हैं कि सैनिक कॉलोनी में रहने वाली व विमिन कॉलेज की श्वेता (बदला नाम) इस बार वह दूसरी बार अपने बॉयफ्रेंड के लिए व्रत रखेंगी। उन्होंने बताया कि वह सुबह 4 बजे सरगी खाती हैं, जिसमें नारियल, थेमियां और मीठी मट्ठी होती है और रात में चांद निकलने पर अपनी आंखें बंद करके अपने बॉयफ्रेंड का चेहरा देखकर अपना व्रत खोलती हैं। लड़कियां करवा चौथ की कथा को भी पढ़ती हैं और रात को चांद देखकर अरग देती हैं, जब आंख खोलती हैं, तो मोबाइल पर बॉयफ्रेंड की फोटो देख लेती हैं। डीयू विद्यार्थी कनिका (बदला नाम) का कहना है कि वह पहली बार व्रत लेंगी। उसके अनुसार यदि आपको कोई अच्छा लगता है, तो उसकी लंबी उम्र के लिए एक व्रत करने में क्या हर्ज है? हालांकि वह भी कहती हैं कि सामाजिक अड़चनों के चलते वह छुपकर ही व्रत रखेंगी।
Wednesday, October 8, 2008
सिख नेता का नाम टाइम की सूची में
पंजाब की प्रदूषित काली बीन नदी को साफ करने का अभियान चलाने वाले बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को अमेरिका की टाइम पत्रिका ने "हीरोज ऑफ एन्वायरनमेंट" में जगह दी है। इनका चुनाव दुनिया भर से चुने गए उन 30 लोगों में किया गया है जो पर्यावरण के लिए काम कर रहे हैं। अमेरिकी पत्रिका ने सीचेवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एक आंदोलन छेड़ा जिसमें लोगों को सिखाया गया कि उन्हें क्यों काली बीन नदी की सफाई करनी चाहिए।
सीचेवाल ने टाइम से कहा हमने साबित कर दिया कि अगर हम एक साथ आ जाएं तो अपनी नदियों का पुराना स्वरूप बहाल करना संभव है। उन्होंने कहा यह समय है कि हम इसे बड़े पैमाने पर अंजाम दें। काली बीन होशियारपुर जिले में बहने वाली 160 किलोमीटर लंबी नदी है। छह से ज्यादा नगरों और 40 गांव के लोग इसमें अपना कूड़ा डालते रहे हैं। इससे यह एक गंदे नाले में बदल गई थी। नतीजतन आस-पास के खेतों को पानी नहीं मिल पाता था। सीचेवाल और उनके अनुयाइयों ने इसकी सफाई के लिए अभियान छेड़ा। उन्होंने इसके लिए कोष संग्रह किए।
कैबिनेट मंत्री भी भ्रष्टाचार से परेशान
आम जनता ही नहीं, केबिनेट मंत्री तक भ्रष्टाचार से परेशान हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। अपने विभाग में भ्रष्टाचार से परेशान मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अखंड प्रताप सिंह यादव ने उपलोकायुक्त से गुहार लगाई है। मंत्री जी इस मामले में राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो के अफसरों से भी समय मांग चुके हैं। श्री सिंह मंगलवार दोपहर दो बजे लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे। वे चुपचाप पहले लोकायुक्त कार्यालय के सचिव से मिले और फिर उपलोकायुक्त चंद्रेश भूषण के पास जा पहुंचे। वहां उन्होंने करीब बीस मिनट उपलोकायुक्त से बंद कमरे में बात की। इसके बाद बाहर निकले और मीडिया से मुखातिब हुए।
मंत्री अखंड प्रताप सिंह की सफाई भी काबिले गौर थी। 'मेरे विभाग में अन्नपूर्णा योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन और खाद्यान्नों के उपार्जन में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ किस प्रकार कार्रवाई की जा सकती है, इसी के लिए सलाह लेने में उपलोकायुक्त महोदय के पास आया हूं।' एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हां मैं केबिनेट मंत्री हूं, कार्रवाई करने में सक्षम हूं, इसी कारण सलाह लेने आया हूं। उनका कहना था कि इस मामले में उन्होंने ईओडब्ल्यू के वरिष्ठ अफसरों से भी समय मांगा है। संभंवत: वे बुधवार को ब्यूरो के अफसरों से मिल सकते हैं। इस मुलाकात में भी वे भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में विचार करेंगे।
(साभार: जागरण)
Friday, October 3, 2008
कम्प्यूटर इंजीनियर और सेना के जवानों ने भ्रष्ट राजनीतिज्ञों को समाप्त करने के लिए बैंक में डकैती की
नोएडा के सेक्टर-12 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 10.8 लाख रुपये लूटने के आरोप में पुलिस ने सेना के दो जवानों और एक कंप्यूटर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। इन तीनों ने भ्रष्ट राजनीतिज्ञों को समाप्त करने के लिए हथियार खरीदने के उद्देश्य से बैंक में डकैती की थी।
नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर।के।चतुर्वेदी ने मीडिया को बताया कि मंगलवार रात को सेक्टर-24 में वाहन तलाशी के दौरान पुलिस ने मोटरसाइकिल सवारों को रुकने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस के ऊपर फायर किया। पुलिस ने भी जवाबी फायर करके उनको पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने भ्रष्ट नेताओं के सफाए और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के अपने मंतव्य के बारे में पुलिस को बताया। गिरफ्तार तीन लोगों में विजय सिंह चौहान सेना का जवान है और अमृतसर में तैनात है। सेना का ही जवान विवेकानंद वर्मा नासिक में तैनात है और राजनारायण एक कम्प्यूटर इंजीनियर है। पुलिस ने इन लोगों के पास से 900,000 रुपये, दो पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।