मध्यप्रदेश के नवनियुक्त गृह एवं परिवहन राज्य मंत्री रामदयाल अहिरवार के पुत्र द्वारा थानेदार के साथ अभद्र व्यवहार का मामला शांत भी नहीं हो पाया था, कि उनके निजी मकान में कथित तौर पर बिजली चोरी के मामले ने एक नयी मुसीबत और खडी कर दी है।
छतरपुर जिले में स्थित गृह नगर महाराजपुर में श्री अहिरवार के मकान में लगभग सात वर्षों से बिजली का उपभोग किया जा रहा है, लेकिन उनके या परिवार के किसी सदस्य के नाम से बिजली कनेक्शन नहीं हैं। इतना ही नहीं, घर में एयरकंडीशनर भी लगा हुआ है। मामला खबरों में आने के बाद विद्युत मंडल के अधिकारी इस संबंध में बात करने तक तैयार नहीं हैं।
उधर प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने आज इस संबंध में राज्यपाल डा बलराम जाखड को पत्र लिखकर श्री अहिरवार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य मंत्रिमंडल में हाल में शामिल किये गये श्री अहिरवार के निजी आवास में बिजली चोरी का मामला साबित हो गया है। श्री अग्रवाल ने आरोप लगाते हुये कहा कि श्री अहिरवार अवैध तरीके से बिजली कनेक्शन लेकर पिछले सात- आठ वर्षों से इसका उपभोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री पुत्र के हाल में हुये विवाह समारोह में भी बिजली चोरी की गयी।
पांच जून को मंत्री पद की शपथ लेने वाले श्री अहिरवार के पुत्र लक्ष्मी ने महाराजपुर के थाना प्रभारी के घर में घुसकर उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की थी और घर और परिसर में खडे वाहनों में तोडफोड की थी। इससे संबंधित मामला दर्ज होने पर लक्ष्मी अहिरवार और उनके साथियों को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
भारत की तलाश
Friday, June 13, 2008
क्या मध्यपदेश के गृहराज्य मंत्री बिजली चोर हैं?
Friday, April 4, 2008
बिजली चोरी करते पकड़े गए पूर्व सांसद
गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद के. डी. जेसवानी बिजली चोरी करते हुए पकड़े गए हैं। मध्य गुजरात विज कारपोरेशन कंपनी लिमिटेड (एमजीवीसीएल) ने इनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया दिया है।
यही नहीं पूर्व सासंद को बुधवार, ९ अप्रैल को बिजली चोरी के आरोप में 90,000 रुपए जुर्माने के रूप में भुगतान करने के आदेश भी दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार एमजीवीसीएल के सतर्कता विभाग ने 31 मार्च को जेसवानी के नाडियाड स्थित आवास में छापामार कार्रवाई की थी।
अधिकारियों ने गड़बड़ी की आशंका के चलते इस पूर्व सांसद के घर में लगा बिजली का मीटर उतार लिया था। मीटर की बाद में प्रयोगशाला में जांच करवाई गई थी। जांच रिपोर्ट में मीटर की सील टूटने की जानकारी मिली। उसके बाद पूर्व सांसद के खिलाफ भारतीय बिजली अधिनियम (2003) की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया गया। साथ ही 90,000 रुपए जुर्माने के रूप में भुगतान करने के आदेश भी दिए गए हैं।