बुधवार, १९ मार्च की शाम करीब छह बजे दिल्ली के सीरीफोर्ट सभागार में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की पुस्तक 'माई कंट्री माई लाइफ' का विमोचन समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति डा। कलाम थे। समारोह में दर्जनों वीवीआईपी भी आमंत्रित थे। अनुमान है कि करीब 2000 कारों से लोग यहां आए। समारोह स्थल पर आने के लिए शाम चार बजे के बाद से ही सीरीफोर्ट जाने वाला अगस्त क्रांति मार्ग वाहनों से अट गया।
साढ़े पांच बजे के बाद यहां से वीवीआईपी काफिला गुजरने लगा। यातायात पुलिस इन लोगों को रास्ता ही मुहैया नहीं करा पा रही थी। इसी दौरान पूर्व राष्ट्रपति डा। एपीजे अब्दुल कलाम भी अगस्त क्रांति मार्ग पर जाम में फंस गए। पूर्व राष्ट्रपति ने करीब 25 मिनट तक जाम खुलने का इंतजार किया। जब घड़ी की सुई शाम छह बजे को पार करने लगी तो वे कार से उतर पड़े। यह देख कमांडो दस्ते ने उन्हें घेर लिया। उनसे आग्रह किया कि वह गाड़ी में ही बैठे रहें, लेकिन पहले से काफी विलंब हो चुके डा. कलाम ने प्रोटोकॉल को दरकिनार कर पैदल ही चलना शुरू कर दिया। करीब आधा किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद वे कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
जब इसकी जानकारी पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को मिली तो उन्हें बहुत दुख हुआ और वे लगभग भागते हुए सभागार से बाहर निकले। कुछ दूर पैदल चलने के बाद वे डा. कलाम के पास पहुंचे और उन्हें साथ लेकर सभागार में आए।
भारत की तलाश
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Thursday, March 20, 2008
डा. कलाम ट्रैफिक जाम में फँसे, पैदल चले
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