भारत की तलाश

 
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Wednesday, July 9, 2008

नासा प्रतियोगिता में छाए भारतीय

दो भारतीय छात्रों ने भविष्य के विमान परिवहन का डिजाइन तैयार कर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा प्रायोजित प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया है। चेन्नई की अन्ना यूनिवर्सिटी के कालेज आफ इंजीनियरिंग की छात्रा आर. अनुशा और छात्र एस. श्रीनाथ की टीम ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने यह डिजाइन संकाय के सलाहकार डाक्टर ई. नटराजन की देखरेख में तैयार किया था। इस प्रतियोगिता में आस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के गैरी रेडमैन ने अपने माडल Conceptual Aircraft for 2058 के लिए पहला स्थान हासिल किया।

इस प्रतियोगिता में विश्व के 14 विभिन्न विश्वविद्यालयों के 61 छात्रों ने अगली पीढ़ी के मानव परिवहन व कार्गो विमानों के डिजाइन पेश किए। इसे नासा के Aeronautical Research Mission Directorate के फंडामेंटल एअरोनाटिक्स प्रोग्राम द्वारा प्रायोजित किया गया था। अटलांटा की जार्जिया टेक यूनिवर्सिटी की टीम ने स्नातक वर्ग में सबसे अधिक अंक हासिल किए।

विजेतायों की सूची नासा की वेबसाईट पर दी गयी है। मूल समाचार देखिये।


The U.S. space agency has given top graduate team honors in its airline design competition to Georgia Tech, with undergraduate honors given Virginia Tech.

Sixty-one students from 14 colleges and universities around the world offered their view of what the next generation of airliners and cargo planes might look like in the National Aeronautics and Space Administration's annual competition।

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Sunday, May 18, 2008

खेतिहर मजदूर के बेटे को NASA से न्यौता

महाराष्ट्र के कोल्हापुर के १७ साल के श्रीधर की कहानी बस चमत्कारिक है। दलित परिवार के इस लड़के की किस्मत खुली शोध प्रतियोगिता से। आकाशगंगा पर श्रीधर के सिद्धांत को न सिर्फ इनाम मिला बल्कि नासा के दरवाजे खुल गए। खेत में काम करने वाले मजदूर के बेटे को नासा ने बतौर जूनियर साइंटिस्ट काम करने का न्यौता दिया है।

श्रीधर अभी नासा तो नहीं पहुंचा है, लेकिन उसके गांव में लोग काफी खुश हैं। उसे न सिर्फ नासा से बल्कि कोलोरैडो यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन की पढ़ाई के लिए बुलावा आया है। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं होगा। पहले 2 साल का खर्च श्रीधर को वहन करना पड़ेगा। जिसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने ५० लाख की सहायता का आश्वासन दिया है। तीसरे साल से नासा से १००० डॉलर मासिक छात्रवृति मिलेगी।