मध्यप्रदेश में मानसून को दस्तक दिए एक माह से अधिक का वक्त गुजर गया है मगर बैतूल के बहुत बडे हिस्से में अब तक बारिश नहीं हुई है इसके चलते फसलों के बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है। आठनेर विकास खंड और उसके आसपास के गांवों के लोगों को लगता है कि इन्द्र देवता उनसे नाराज हैं, इसीलिए इस इलाके पर उनकी कृपा नहीं हो रही है।
रूठे इन्द्र देव को मनाने के लिए मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के सातनेर गांव के लोगों ने अनोखा तरीका अपनाया है। वे 30 फुट गहरे सूखे कुएं में बैठकर अखंड रामायण का पाठ कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इन्द्र देव उनकी आवाज सुनेंगे और वर्षा होगी। देवराम बताते हैं कि सातनेर गांव के लोगों ने इन्द्र देवता को मनाने के लिए धार्मिक अनुष्ठान करने का निर्णय लिया। दैनिक देशबन्धु के अनुसार सभी ने तय किया कि गौडीढाना रामनगर स्थित तीस फुट गहरे कुएं में रामायण कराई जाए। लगभग एक सप्ताह से कुएं में रामायण का दौर जारी है। इन ग्रामीण इलाकों के लोगों को उम्मीद है कि इन्द्र देव एक दिन जरूर उनकी आराधना से प्रसन्न होंगे और उन्हें अवर्षा के दौर से मुक्ति मिलेगी।
भारत की तलाश
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Thursday, July 31, 2008
रूठे इन्द्र देव को मनाने, तीस फुट गहरे कुएं में रामायण
Saturday, July 12, 2008
मौसम पूर्वानुमान
जब मानसून ने दस्तक दे ही दी है तो लोगों के चेहरों में खुशी आना लाजमी है। मौसम का मिजाज भांपने का अपना नुस्खा है। हजारों साल से तमाम जाति, नस्ल और प्रांतों के लोग इस लौकिक ज्ञान को अपनी आने वाली पीढ़ियों में पहुंचाते रहे है। यह ज्ञान कितना पुख्ता है इसका उदाहरण इसी से मिल जाएगा कि जब मौसम विज्ञानी बुंदेलखंड में सन 2002 का मानसून ठीक ठाक बता रहे थे तो वहां दे देशी मौसम विज्ञानियों ने मानसून के धोखा देने की घोषणा कर दी थी। हुआ भी वही। यहां मान्यता है कि जब सूखा पड़ता है तब झड़बेरी और महुआ की फसल बहुत अच्छी होती है और उस साल इन पेड़ों में खूब फल हुए थे। दुनियाभर के लोक साहित्यों में मानसून के पूर्वानुमान पर तमाम नुस्खे हैं।
- कुत्ता घास खाना शुरू कर देता है
- चीटियां अपने अण्डें नीचे से ऊपर रखना शुरू कर देती हैं।
- चिड़िया धूल में नहाती है।
- बतख तैरते समय पीछे पंख मिलाकर फड़फड़ाने लगे
- मच्छर जमीन के बहुत नजदीक उड़ने लगें।
- शाम से मुर्गा दरवाजे पर बांग दें।
- गिलहरी चीखने लगे तो 24 घंटे के अंदर भयंकर बरसात होगी।
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