भारत की तलाश

 
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Sunday, February 15, 2009

एक दूसरे के लिए मर मिटने की कसमें खाने की बजाय पति की जान बचा मनाया वेलेंटाइन डे

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के दूरदराज क्षेत्र में हुई एक घटना ने एक विवाहित जोड़े के लिए वेलेंटाइन को सार्थक बना दिया। संडियार गांव की सागरी देवी की दिलेरी ने न केवल अपने सुहाग को नया जीवनदान दिया बल्कि उस पर हमला करने वालों में से एक को मौत के घाट उतार दिया।  यह घटना 14 फरवरी को तड़के उस समय घटी जब दोनों पति-पत्नी सुबह अपनी दिनचर्या के कार्यों में व्यस्त थे। सागरी देवी का पति सीताराम घर के बरामदे में खड़ा था। अचानक तीन जंगली गीदड़ों ने सीताराम पर हमला बोल दिया। अचानक हमले से सीताराम नीचे गिर गया। एक गीदड़ ने सीताराम की बाजू अपने मुंह में डाल रखी थी और दो उसे पीठ की ओर से पंजें मार रहे थे। सीताराम के चिल्लाने पर उसकी पत्नी सागरी देवी ने दराटी व डडे से गीदड़ों पर हमला कर दिया। एक गीदड़ को सागरी देवी ने दराटी से वहीं ढेर कर दिया जबकि दो अन्य गीदड़ अपने साथी को मरता देख वहां से भाग गए। सीता राम की बाजू व पीठ पर गहरे घाव हुए हैं। बाद में घायल सीताराम को सीएचसी बरठीं पहुंचाया गया जहां पर उसे प्राथमिक चिकित्सा दी गई और उसे दाखिल कर लिया गया।

गांव के बुजुर्ग इसे किसी तरह का दैवी प्रकोप मान रहे हैं क्योंकि आज तक जंगली गीदड़ों ने कभी किसी पर घर में हमला नहीं किया था। सागरी देवी को बहादुरी के लिए पुरस्कृत करने का आग्रह सरकार से किया गया है।