आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में एकजुटता दिखाने के दो दिन बाद ही संसद हमले में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 13 दिसम्बर को आयोजित समारोह में सिर्फ 10 सांसद ही शरीक हुए। लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह, विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता जसवंतसिंह एवं संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने मुठभेड़ स्थल पर लगी स्मृति पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि देने वालों में राज्यसभा सदस्य एसएस अहलुवालिया (भाजपा), मनोहर जोशी (शिवसेना), डी. राजा (भाकपा), पीजे कुरियन एवं कर्णसिंह (दोनों कांग्रेस) शामिल थे। समारोह में केंद्रीय मंत्री पीके बंसल एवं पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल भी मौजूद थे।
दोनों सदनों ने गुरुवार को सर्वसम्मति से आतंकवाद से लड़ने का प्रस्ताव पारित किया था। सांसदों की उपस्थिति पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा इतनी कम उपस्थिति सिर्फ निराश करने वाली ही नहीं है, बल्कि पूरी तरह अक्षम्य है। कोलकाता में मौजूद भाजपा सांसद प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अधिकतर सांसद अपने क्षेत्रों में हैं, जहाँ वे शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने कहा शनिवार या रविवार को आप सभी लोगों को दिल्ली में होने की उम्मीद नहीं कर सकते। सांसदों को अपने क्षेत्रों में जाना पड़ता है।
भारत की तलाश
Sunday, December 14, 2008
संसद हमले में श्रद्धांजलि अर्पित करने सिर्फ 10 सांसद ही पहुंचे
Wednesday, April 23, 2008
जान से मारने की धमकी मिली तो रिटायर्ड एसपी ने युद्ध की तैयारी की!?
पंजाब में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक के घर से आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं की चोरी के एक मामले की जांच कर रही पुलिस उस समय हैरत में पड़ गई, जब उसे इस अधिकारी के घर से हथियारों का जखीरा मिला। मामले की जांच कर रही पुलिस ने सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुरेंद्र सिंह अटवाल को उनके सेक्टर 15 स्थित बंगले से रविवार रात को गिरफ्तार कर लिया।
अटवाल के घर पर हुए चोरी के एक मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, ''ऐसा लगता है कि अटवाल किसी युध्द की तैयारी कर रहे थे पर उन्होंने तर्क दिया है कि उन्हें जान से मार देने की धमकी मिली थी। इसलिए ये हथियार खुद की सुरक्षा के लिए रखे गए थे।'' पुलिस ने बताया कि अटवाल के घर से एक एके-47 आटोमेटिक राइफल, 1,351 कारतूस, एक 38 बोर का प्रतिबंधित रिवॉल्वर, प्रतिबंधित नौ एमएम पिस्तौल के 168 कारतूस, एके-47 का एक खाली ड्रम, स्वचालित राइफल की 95 राउंड गोलियां, एक 303 राइफल व 59 राउंड गोलियां और सात खाली मैगजींस जब्त की गई हैं।
पंजाब में जब 1982-95 के दौरान आतंकवाद परवान पर था, तो अटवाल को होशियारपुर, अमृतसर, तरनतारन, मजिठा और फिरोजपुर में तैनात किया गया था।